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श्रीनगर में खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर: 2048 तक भारत को शीर्ष 5 देशों में लाने के रोडमैप पर चर्चा, मंत्री अरूण भी हुए शामिल – Chhattisgarh News

श्रीनगर में खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर:  2048 तक भारत को शीर्ष 5 देशों में लाने के रोडमैप पर चर्चा, मंत्री अरूण भी हुए शामिल – Chhattisgarh News


रायपुर2 घंटे पहले

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राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में शुरू हो गया। इस राष्ट्रीय आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव और विभाग के सचिव यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर का हिस्सा हैं।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा “छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेंगे।” साव ने बताया कि शिविर के पहले दिन केंद्रीय खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर विस्तृत मंथन हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें एकजुट होकर काम कर रही हैं।

पहले दिन हुए तीन सेशन, स्ट्रेटजी, पॉलिसी और डोपिंग पर चर्चा

1. मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया पहले सत्र में ओलंपिक पदक तालिका में 2048 तक भारत को शीर्ष 5 देशों में लाने के रोडमैप पर चर्चा हुई। खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल विकास, स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार और उसके प्रभावी उपयोग पर सर्वसम्मति बनी।

2. खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय दूसरे सत्र में राज्यों के बेस्ट प्रैक्टिसेस साझा किए गए। खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि, टैलेंट आइडेंटिफिकेशन, खेल अकादमियों का मानकीकरण, विद्यालय स्तर पर शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य करने और खिलाड़ियों के समग्र डेटाबेस तैयार करने पर जोर दिया गया।

सत्र में यह भी कहा गया कि खिलाड़ियों को नौकरी के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ खेलना चाहिए। नौकरी के बाद भी खेल जारी रखने की व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर बल दिया गया।

3. डोपिंग एवं खेल नैतिकता तीसरे सत्र में डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने और सख्त नीति पर चर्चा हुई। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सेफ गॉर्डिंग ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

यह चिंतन शिविर 26 अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष यह आयोजन किया जा रहा है।



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