नगर निगम की टीम ने शनिवार को वार्ड हरूनगला में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की। यहाँ गाटा संख्या 386, 440 और 452 की करीब 16550 वर्ग मीटर भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। जांच में पाया गया कि लगभग 2000 वर्ग मीटर हिस्से पर अवैध रूप से डेयरी का संचालन किया जा रहा था और टीनशेड डालकर अस्थाई आवास बना लिए गए थे। मिथिलेश की शिकायत पर हुई जांच
इस अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिथिलेश पत्नी राम सेवक ने 10 अप्रैल 2026 को शिकायती पत्र के जरिए की थी। जांच के दौरान पता चला कि जिस भूमि पर कब्जा है, उसे नगर निगम ने मछली पालन के लिए लीज पर दिया हुआ है। शिकायत सही पाए जाने पर उच्चाधिकारियों ने तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए। हंगामे के चलते रोकनी पड़ी कार्रवाई
शनिवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम, प्रभारी अतिक्रमण, राजस्व निरीक्षक टिंकू सिंह, सच्चिदानंद और मानचित्रकार रविंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही डेयरी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, वहां मौजूद महिलाओं ने टीम का भारी विरोध करना शुरू कर दिया। महिलाओं ने अपना सामान निकालने के लिए समय की मांग की। तीन दिन की दी गई मोहलत
मौके पर बढ़ते तनाव और महिलाओं की मांग को देखते हुए अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार, अतिक्रमणकारियों को अपना सामान हटाने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 3 दिन के भीतर अवैध कब्जा खुद नहीं हटाया गया, तो निगम की टीम दोबारा सख्त ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
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