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दंपती बोले-बेटी ने जहर देकर मारने की कोशिश की: तीन ऑडियो सामने आए; प्रेमी से नाबालिग कह रही- आज मौका है, चूहामार दवा ले आओ – Morena News




बेटी पर प्रेम इस कदर हावी है कि वह रात में छत से कूदकर प्रेमी के पास जाती है। हद तब हुई, जब उसने माता-पिता को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। ये मुरैना के पोरसा में रहने वाले 47 वर्षीय मोहन (परिवर्तित नाम) और उनकी 40 वर्षीय पत्नी की कहानी है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी नाबालिग बेटी प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच डालेगी। जहर मिली रोटी का स्वाद अजीब लगा और समय पर इलाज से उनकी जान बच गई। अब वे बेटी से डरते हैं। नाबालिग प्रेमी के साथ वह फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पूरे घटनाक्रम पर माता-पिता और पुलिस से बात की गई। पिता ने कुछ ऑडियो क्लिप दिए, जिनमें लड़की प्रेमी से जहर मंगवाती सुनाई दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए… सबसे पहले ऑडियो के दौरान हुई वो बातचीत, जिसमें जहर देकर मारने की बात का खुलासा हुआ…। ऑडियो – 1
लड़की : हेलो, तुमको चूहा मार दवाई नहीं मिल रही।
लड़का : नहीं क्यों।
लड़की : अटेर रोड पर मिलती है।
लड़का : @@@ को भेज कर मंगवा लो।
लड़की : बच्ची को नहीं देंगे। बड़ों को ही देते हैं, अटेर रोड पर मिल जाएगी।
लड़का : अटेर रोड पर कहां?
लड़की : जहां तीन-चार खाद की दुकानें हैं। मौका आज ही है।
लड़का : क्यों।
लड़की : मैं कह रही हूं। इन लोगों का कोई भरोसा नहीं है।
लड़का : कल कहां गई थी।
लड़की : कल ले गए थे, गाड़ी में डाल कर सांकल से बंद कर, फिर लौट आए।
लड़का : तू निकल वहां से। आज अगर चार बीघा पर नहीं आई तो मैं बोलूंगा नहीं, कल सूरत चला जाऊंगा।
लड़की : मैं जो कह रही हूं, वह सुनो, जाओ दवा ले आओ। मैं आज रोटी बना रही हूं।
लड़का : रोटी अब तू ही बनाती है क्या?
लड़की : नहीं, आज पहली बार बना रही हूं। आज मौका है, जल्दी ले आओ।
लड़का : ठीक है। ऑडियो – 2
लड़का : हैलो, गल्ला मंडी में हूं।
लड़की : पुलिया पर आ गई हूं।
लड़का : गल्ला मंडी होकर आ जाओ।
लड़का : चूहा मार दवा और दीमक मारने की दवा है।
लड़की : मम्मी को भूख नहीं लग रही, डोकरा (पिता) भूखा है।
लड़का : काली पॉलीथिन में रखी है, उसे फेंक देना।
लड़का : गल्ला मंडी आ जा टीन शेड में, जहां गेहूं की ट्रॉली लगती है। सब्जी लगती है। ऑडियो – 3
लड़का : कहां है?
लड़का : घर @@@ आ गया है।
लड़का : खाना खा लिया।
लड़की : नहीं अभी नहीं, सब कुछ मिला कर रख दिया है, खाने वाले हैं। तुमने खाना खा लिया।
लड़का : हमने नहीं खाया।
लड़की : एक आद रोटी खा लेते।
लड़का : अभी निकल आ मौका देखकर।
लड़की : अभी आंगन में बैठे हैं।
लड़का : फिर ताला डाल देंगे।
लड़की : सब गली वाले यहीं पर बात कर रहे हैं।
लड़का : दूसरी छत पर कूद कर आ जा।
लड़की : उस दिन तुम आए थे, देखा था।
लड़का : अगर नहीं निकल पाई तो।
लड़की : (गाली देते हुए…) बाहर से कुंडी डालकर आंगन में सभी को बंद कर भागूंगी। तुम 10 तारीख तक नौकरी पर मत जाओ।
लड़का : मैं जाऊंगा, मेरा तीन दिन से दिमाग खराब है।
लड़की : तुम मुझे बता देना, रोटी देने जा रही हूं।
लड़का : क्या-क्या मिलाया है।
लड़की : मैंने तो काली वाली पूरी दवा मिला दी है।
लड़का : वो वाली नहीं मिलाई क्या।
लड़की : मैंने तो पूरी मिला दी है।
लड़का : खाना खाने के बाद कुछ नहीं हुआ फिर…
लड़की : होगा, कुछ तो होगा… उल्टी वगैरह। !@#$$ ये सब %^** करवा रहा है।
लड़का : नहीं आई तो समझना।
लड़की : मरू या कुछ करू… आऊंगी जरूर। माता-पिता ने सुनाई पूरी कहानी अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी की जंग लड़े पिता ने बताया कि वे पोरसा के पास गांव के रहने वाले हैं। पहले जमीन थी, लेकिन बिक गई। वे परिवार के साथ पोरसा में किराए के मकान में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं—17 साल की बेटी और दो बेटे 12 व 9 साल के। बेटी के प्रेम संबंध के कारण परेशानी थी और उसने जहर दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर पोरसा, मुरैना और फिर ग्वालियर में इलाज हुआ। 5 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और डॉक्टरों ने बचा लिया। अब वे बेटी और उसके प्रेमी से डरते हैं। केस वापस लेने की धमकी भी मिल रही है। बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी पिता बताते हैं कि 29 मार्च को बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी। रात में खाना परोसा। अंधेरा होने पर आंगन में खाना खाया। रोटी का स्वाद अजीब लगा, फिर भी खा ली। टॉर्च की रोशनी में देखा तो रोटियां काली थीं। कुछ देर बाद चक्कर और उल्टी शुरू हुई। साला घर आया हुआ था। तबीयत खराब होता देख उसने तत्काल डाॅयल 112 बुलाई। पुलिसवालों ने हमसे जानकारी चाही। मैंने उन्हें रोटी दिखाते हुए कुछ बात बताई, इसके बाद बेहोश हो गया। अचानक पत्नी को भी उल्टियां होने लगीं। पुलिस पहले थाने, फिर पोरसा, मुरैना और ग्वालियर अस्पताल ले गई। 5 दिन इलाज चला और 2 अप्रैल को छुट्टी मिली। कुछ दिन रिश्तेदारी में बिताने के बाद अपने घर लौटे। बेटी छत से कूदकर प्रेमी से मिलने जाती थी नाबालिग की मां ने कहा कि बेटी काबू में नहीं है। इसलिए धौलपुर में रिश्ता तय किया था। 30 मार्च को सगाई के लिए जाना था। हमने किराए से कार भी कर ली थी। लड़के का परिवार अच्छा है, इसीलिए हम यह रिश्ता करना चाहते थे। बेटी को भी इसके बारे में बताया था। सगाई रोकने के लिए उसने प्रेमी सुदामा के साथ मिलकर जहर देने की साजिश रची। पहले भी भागी, पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर भेजा था मां का कहना कि 2025 में भी बेटी प्रेमी के साथ भाग गई थी। पुलिस ने पकड़कर वन स्टॉप सेंटर भेजा और प्रेमी जेल गया। बाद में दोनों फिर मिलने लगे। वह रात में छत से कूदकर उससे मिलने जाती थी और लौट आती थी। पिता की शिकायत पर केस, दोनों की तलाश टीआई दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि नाबालिग ने प्रेमी के साथ जहर मिलाया। माता-पिता का ग्वालियर में इलाज हुआ। पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर दोनों की तलाश की जा रही है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है।



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