बलरामपुर जिले में महान नदी के छिंदियाडांड रेत घाट से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। इस अवैध खनन के कारण महान नदी पर पांच साल पहले बने 10 करोड़ रुपये के पुल की नींव कमजोर हो गई है। पुल के पिलर का करीब पांच फीट हिस्सा जमीन से बाहर दिखाई देने लगा है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। राजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत धंधापुर में रेत माफिया हर दिन सैकड़ों वाहनों से रेत की तस्करी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 5 बजे से देर शाम तक ट्रैक्टर और भारी वाहन नदी में उतरकर रेत निकालते हैं। रोजाना लाखों रुपये की रेत का अवैध कारोबार बताया जा रहा है कि हर दिन लगभग 200 वाहनों के माध्यम से रेत निकालकर अंबिकापुर, बरियों, आरा, धौरपुर और लूड्रा क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है। अनुमान है कि रोजाना लाखों रुपये की रेत का अवैध कारोबार हो रहा है, जो पूरे गर्मी सीजन में 8 से 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद, खनिज और राजस्व विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी योजनाओं और निर्माण के नाम पर अवैध खनन कर रेत बेच रहे स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत तस्कर प्रधानमंत्री आवास योजना और सरकारी निर्माण कार्यों के नाम पर अवैध खनन कर खुलेआम रेत बेच रहे हैं। अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग से लगातार रेत से भरे वाहन गुजरने के बावजूद पुलिस और संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कार्रवाई की जाएगी:एसडीएम मामले में राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा है कि अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नदी और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।
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