आईपीएल के मौजूदा सीजन में मुंबई इंडियंस के निराशाजनक प्रदर्शन के बीच टीम के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश ने खिलाड़ियों का पक्ष रखा है। उन्होंने स्वीकार किया कि 11 मैचों में से केवल 3 में जीत हासिल करना टीम की साख के अनुरूप नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों का जज्बा अब भी कम नहीं हुआ है। बॉश ने टीम की हार का विश्लेषण करते हुए कहा कि मुंबई इस सीजन में एक ‘कम्प्लीट गेम’ (पूर्ण खेल) दिखाने में विफल रही है। उनके अनुसार, अक्सर ऐसा हुआ कि जब बल्लेबाजी विभाग ने अच्छा किया तो गेंदबाजी पिछड़ गई, और जब गेंदबाजों ने पकड़ बनाई तो बल्लेबाजों ने निराश किया। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षणों में कैच छूटना और रणनीति को सही ढंग से लागू न कर पाने को हार का मुख्य कारण बताया। हार्दिक और सूर्या के खेलने पर प्रबंधन का फैसला टीम के अनुभवी खिलाड़ियों, विशेषकर हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव की उपलब्धता पर बॉश ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का अंतिम निर्णय पूरी तरह से टीम प्रबंधन और कोच का होता है। यह फैसला किसी भी खिलाड़ी की वर्तमान फिटनेस और उस समय टीम की तात्कालिक जरूरतों को देखकर लिया जाता है। ‘ड्रेसिंग रूम की जान’ की प्रशंसा एक साथी गेंदबाज का बचाव करते हुए बॉश ने उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि भले ही इस सीजन में उन्हें अपेक्षित विकेट न मिले हों, लेकिन उनका अनुशासन और इकोनॉमी रेट अब भी कमाल का है। वे न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, बल्कि हमारे ड्रेसिंग रूम की जान भी हैं।” आगामी मैचों के लिए रणनीति प्लेऑफ की धुंधली होती उम्मीदों के बीच बॉश ने कहा कि टीम अब बिना किसी अतिरिक्त दबाव के मैदान पर उतरेगी। मुंबई इंडियंस का लक्ष्य अब शेष मुकाबलों में केवल प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना और जीत के साथ अपने अभियान का सम्मानजनक अंत करना है।
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