हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल मनाली में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। जोगनी वाटरफॉल की ट्रैकिंग पर गए हरियाणा के एक पर्यटक का पैर फिसलने से वह गहरे नाले में जा गिरा। सूचना मिलते ही मनाली अग्निशमन दल, पुलिस और पर्वतारोहण संस्थान की टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली निवासी सुधांशु (पुत्र कृष्ण सिंह) अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने आया था। बुधवार शाम करीब 6:00 बजे जब वे जोगनी वाटरफॉल के पास ऊँची ढांक (पहाड़ी) पर थे, तो अचानक पैर फिसलने के कारण सुधांशु सीधे नीचे नाले के पानी में जा गिरा। सोलन से मनाली तक सूचना का त्वरित संचार हादसे के तुरंत बाद दोस्तों ने 108 आपातकालीन नंबर पर कॉल किया। यह कॉल सोलन स्थित कंट्रोल सेंटर में रिसीव हुई, जहाँ से तुरंत सूचना मनाली फायर स्टेशन को प्रेषित की गई। सूचना मिलते ही मनाली से अग्निशमन विभाग, स्थानीय पुलिस और पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञों की टीमें बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। चुनौतीपूर्ण था रेस्क्यू ऑपरेशन बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर स्टेशन से 5 किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहन से 10 मिनट और उसके बाद पैदल पहाड़ी रास्तों पर 15 मिनट का समय लगा। शाम करीब 7:10 बजे रेस्क्यू टीमों ने घायल सुधांशु को नाले के बर्फीले पानी और पत्थरों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर गहरे नाले में गिरने के कारण सुधांशु को चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत प्राथमिक उपचार देकर मनाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत रही कि रेस्क्यू टीम समय पर पहुँच गई, जिससे एक कीमती मानव जीवन की रक्षा की जा सकी। इस बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। पर्यटकों के लिए प्रशासन की सलाह मनाली प्रशासन और बचाव दल ने पर्यटकों से अपील की है कि वे वाटरफॉल और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में सेल्फी या फोटोग्राफी के दौरान सावधानी बरतें। पहाड़ों पर फिसलन भरी जगहों और खतरनाक ढांकों के करीब जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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