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‘बदमाश’ बयान से नाराज हरियाणा BJP विधायक की बगावत: निकाय चुनाव में एकमात्र हारी सीट पर बनी वजह, CM के कार्यक्रमों से भी दूरी; 2 दिन बाद लेंगे फैसला – Hisar News

‘बदमाश’ बयान से नाराज हरियाणा BJP विधायक की बगावत:  निकाय चुनाव में एकमात्र हारी सीट पर बनी वजह, CM के कार्यक्रमों से भी दूरी; 2 दिन बाद लेंगे फैसला – Hisar News


हिसार की नलवा रैली में कुलदीप बिश्नोई और रणधीर पनिहार सीएम के साथ दिखे थे। उकलाना में बीजेपी प्रत्याशी निकिता गोयल के लिए उन्होंने प्रचार तक नहीं किया। यहां से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रीमा सोनी ने जीत हासिल की।

हरियाणा निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों नगर निगम, धारूहेड़ा, सांपला और रेवाड़ी में एकतरफा जीत हासिल की है। केवल उकलाना ही ऐसी सीट रही, जहां बीजेपी कैंडिडेट निकिता गोयल को हार का सामना करना पड़ा।

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पॉलिटिकल एक्सपर्ट की माने तो इस हार की पीछे की मुख्य वजह पंचकूला में सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व सीएम भजनलाल को बदमाश बताने वाली टिप्पणी रही। पूर्व सीएम के बेटे और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के कट्‌टर समर्थक भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने निकिता के चुनावी प्रचार से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।

यहीं नहीं, उनके समर्थकों ने भी निकिता के बजाय निर्दलीय कैंडिडेट रीमा सोनी का समर्थन किया। इसके अलावा विधायक पनिहार ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से दूरी बना ली है। इसे हरियाणा BJP में बगावत की सुगबुगाहट माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि चौधरी भजनलाल पर टिप्पणी से नाराज बिश्नोई परिवार जल्द बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकता है। वे 16 मई को अमेरिका से लौट रहे हैं। ऐसे में पनिहार भी कुलदीप बिश्नोई के साथ खड़े नजर आ सकते हैं।

बता दें कि रणधीर पनिहार को कुलदीप बिश्नोई के कोटे से ही हिसार की नलवा विधानसभा से टिकट मिला था। कुलदीप को फतेहाबाद, नलवा और आदमपुर की विधानसभा दी गई थी, इसमें से 2 सीटों फतेहाबाद और आदमपुर में हार मिली थी।

चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र में सीएम सैनी और पनिहार की मुलाकात हुई थी।

पूर्व सीएम पर टिप्पणी से कैसे पड़ा निकाय चुनाव पर इफेक्ट…

24 अप्रैल को सांसद रेखा शर्मा ने बताया था बदमाश

पंचकूला में 24 अप्रैल को भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने नामांकन कराया था। इससे पहले सेक्टर-5 में जनसभा रखी गई थी। यहां रेखा शर्मा ने मंच से कहा था- “श्यामलाल बंसल ने वो समय भी देखा है, जब यहां पर कांग्रेस की बदमाशी थी। जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की और चंद्रमोहन की। पूरी तरह बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते थे”।

भजनलाल का नाम लेने से पहले रेखा बंसीलाल भी बोल रही थीं, लेकिन वह बीच में ही रुक गईं। बाद में रेखा शर्मा ने आगे कहा – 1996 में शामलाल बंसल को बदमाशी और धोखे से हराया गया था। बंसीलाल का नाम गलती से निकल गया। चौधरी बंसीलाल तो उस समय भाजपा के साथ चुनाव लड़ रहे थे।

टिप्पणी के बाद से मामला लगातार सुर्खियों में, कोर्ट तक भी पहुंचा

इस बयान के बाद से लगातार सांसद रेखा शर्मा का विरोध हो रहा है। खासकर भजनलाल परिवार और विश्नोई समाज में। भजनलाल के छोटे बेटे और पंचकूला से कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने इस मामले कोर्ट तक ले जा चुके है, जिसमें पंचकूला कोर्ट ने आदेश दिए है कि केस चलने तक MP रेखा शर्मा, चंद्रमोहन और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर किसी तरह का कोई अभद्र बयान नहीं दे सकती।

भाजपा भी सांसद के इस बयान से पल्ला झाड़ चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कह चुके है- “यह रेखा शर्मा की व्यक्तिगत सोच है, पार्टी की नहीं।” उधर, भजनलाल के छोटे बेटे और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई ने लिखा-

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बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।” यह मैं कुछ लोगों की अनुभवहीन और जनाधार-विहीन कार्यशैली के बारे में लिख रहा हूं। इसे किसी व्यक्ति-विशेष से न जोड़ा जाए।

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नाराज BJP विधायक पनिहार ने चुनाव से बनाई थी दूरी

भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई के करीबी भाजपा विधायक रणधीर पनिहार भी सांसद के इस बयान पर नाराजगी जता चुके है। उन्होंने तक यहां तक कह दिया था कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी, प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और केंद्रीय नेतृत्व के सामने उठाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। कहा था- “मैं बेहद हैरान हूं। रेखा शर्मा जैसी वरिष्ठ नेता को इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए था। पूरे देश में चौधरी भजनलाल और बंसीलाल को लेकर लोगों में गहरी श्रद्धा है”।

इसी के चलते उन्होंने उकलाना नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल से चुनाव प्रचार तक बना ली थी। उनके समर्थकों ने भी खुलकर निर्दलीय उम्मीदवार रीमा सोनी का समर्थन किया था।

उकलाना में रीमा सोनी 2806 वोटों से जीतीं

बुधवार को घोषित हुए उकलाना नगर पालिका चुनाव के रिजल्ट में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार रीमा सोनी ने 7078 वोट हासिल करके जीत दर्ज की। भाजपा की निकिता गोयल 4272 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अन्य उम्मीदवारों में डॉ. सोनिया बत्रा को 249 वोट, मीनू रानी को 83 वोट मिले, जबकि 62 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। उकलाना में सभी पार्षद निर्दलीय जीते हैं। यहां भाजपा ने निकिता के अलावा पार्षदों को सिंबल नहीं दिया था।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट की माने तो विधायक रणधीर और उनके समर्थकों की नाराजगी से ही भाजपा ने ये सीट गंवाई।

कुलदीप बिश्नोई के साथ भाजपा में शामिल हुए थे पनिहार

रणधीर पनिहार 2019 में नलवा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। उनका मुकाबला भाजपा के रणबीर गंगवा से हुआ था। मगर, रणधीर चुनाव हार गए और रणबीर गंगवा जीतकर डिप्टी स्पीकर के पद पर पहुंचे। रणबीर गंगवा को चुनाव में 47523 वोट मिले थे। वहीं, रणधीर पनिहार को 37851 वोट मिले थे।

इसके बाद कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में आने के बाद उनके करीबी पनिहार भी भाजपा में आ गए। कुलदीप ने अपने कोटे से नलवा से पनिहार को टिकट दिलवाया और वह जीतकर विधायक बन गए।

अमित शाह के मंच से विधायक पनिहार को हिसार में नीचे उतार दिया गया था।

अमित शाह के मंच से विधायक पनिहार को हिसार में नीचे उतार दिया गया था।

विधायक रणधीर पनिहार से जुड़े 3 विवाद…

  • ग्रीवांस मीटिंग में कांग्रेस विधायक से भिड़ चुके: 4 महीने पहले हुई ग्रीवांस कमेटी की बैठक में आदमपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रप्रकाश और नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार हलके के काम को लेकर भिड़ गए थे। मीटिंग में ड्रेनेज सफाई का मुद्दा उठा था। शिकायककर्ता ओमप्रकाश ने कहा कि मैं कई साल से शिकायत लगा रहा हूं, लेकिन HAU से लेकर लुदास गांव तक ड्रेनेज कभी साफ नहीं हुई। इस पर विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि यह मेरे गांव का मैटर है, इसे मैं देख लूंगा। ये सुनकर भाजपा विधायक रणधीर परिहार ने कहा कि आर्यनगर मेरे नलवा हलके में पड़ता है। इसका काम मैं कराऊंगा।
  • देवेंद्र बिश्नोई ने लगाए थे मारपीट के आरोप : पनिहार पर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान रह चुके देवेंद्र बिश्नोई ने मारपीट के आरोप थे। बिश्नोई ने आरोप लगाया था कि रणधीर पनिहार ने दिल्ली के हरियाणा भवन में उनको बंधक बनाने का प्रयास किया और मारपीट की। वह किसी तरह पनिहार के चंगुल से बचकर भाग निकले थे। इस विवाद ने काफी तूल पकड़ा था। राजस्थान में बिश्नोई समाज ने पनिहार से माफी मांगने को भी कहा था।
  • शाह के मंच से नीचे उतार दिया था : पनिहार को अग्रोहा में गृह मंत्री अमित शाह के मंच से भी नीचे उतार दिया गया था। करीब 6 महीने पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम में आए थे। यहां शाह के साथ मंच पर बैठने को लिए सियासत देखने को मिली थी। कुलदीप बिश्नोई के साथी नलवा से विधायक रणधीर पनिहार को मंच से नीचे उतार दिया गया था। हिसार की SDM ज्योति मित्तल ने पनिहार को नीचे जाकर बैठने के लिए बोल दिया था। इसके बाद पनिहार नीचे उतर गए थे। बाद में मामला तूल ना पकड़े, इसलिए मुख्यमंत्री अपने साथ पनिहार को हेलिकॉप्टर में ले गए थे।

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