मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल उठाए: केंद्र से पूछा- सिलेक्शन कमेटी में नेता प्रतिपक्ष को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल उठाए:  केंद्र से पूछा- सिलेक्शन कमेटी में नेता प्रतिपक्ष को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा क्यों


  • Hindi News
  • National
  • SC Questions Centre On Election Commissioner Appointments | Opposition Leader Role

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने कहा- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में विपक्ष के नेता (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है।

कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से पूछा, “अगर प्रधानमंत्री एक नाम चुनते हैं और विपक्ष का नेता दूसरा नाम चुनता है, और दोनों में मतभेद होता है, तो क्या तीसरा सदस्य विपक्ष के नेता के पक्ष में जाएगा?” इस पर अटॉर्नी जनरल ने माना कि शायद ऐसा नहीं होगा।

इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा- तो फिर सब कुछ कार्यपालिका ही नियंत्रित कर रही है। ऐसे में विपक्ष के नेता को शामिल ही क्यों करते हैं? वे सिर्फ दिखावटी हो जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को चुनौती

पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ी है। इस पर कोर्ट ने आज सुनवाई की।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई चयन प्रक्रिया में केंद्र को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं, जिससे आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।

यह चुनौती सुप्रीम कोर्ट की 2023 के फैसले ‘अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ’ के बाद सामने आई है। उस फैसले में कहा गया था कि जब तक संसद कानून नहीं बनाती, तब तक चुनाव आयोग में नियुक्तियां प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और CJI वाली समिति के जरिए की जाएंगी।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *