होशियारपुर में साढ़े 3 साल का बच्चा खेलते समय शाम 4 बजे 300 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। सूत्रों के अनुसार, बच्चा 90 फीट नीचे फंसा है, लेकिन डीसी आशिका जैन ने कहा कि बच्चा 10 से 20 फीट पर हो सकता है। जहां पर बच्चा फंसा है, वहां पानी है। उसके नीचे फंसे होने की हलचल कैमरे में दिखाई दी। बच्चा घबराया हुआ है और रो रहा है। प्रशासन ने खुदाई के लिए 4 जेसीबी मशीन को लगाया हुआ है, जो बोरवेल के पास गड्ढा करने में लगी हुईं हैं। AAP सांसद डॉक्टर राजकुमार चब्बेवाल, मंत्री रवजोत सिंह व एसएसपी संदीप कुमार मलिक मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। डॉक्टरों की टीम, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, NDRF और SDRF मौके पर मौजूद है। परिवार ने 15 दिन पहले ही बोरवेल कराया था। पाइप डालने के लिए आसपास गड्ढा खोदा गया था। लेकिन 15 इंच की पाइप लगाने के बाद उस गड्ढे को पूरी तरह भरा नहीं गया। इसी दौरान बच्चा खेलते हुए वहां पहुंच गया। जगह रेतीली होने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह पाइप के साथ बनी खाली जगह में गिर गया। वह सीधा पाइप में नहीं गिरा। समाजसेवी संस्था बाबा दीप सिंह सेवा दल के प्रमुख मनजोत सिंह तलवंडी की टीम भी प्रशासन के साथ मिलकर बच्चे को बाहर निकालने में जुटी हुई है। बच्चे की मां ने कहा कि जब बेटा गिर रहा था तो वह अंदर से आवाज लगा रहा था कि मुझे पकड़ लो। परिवार ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन उनका हाथ उस तक नहीं पहुंच पाया और वह धीरे-धीरे नीचे चला गया। घर के बाहर खेतों में खेल रहा था बच्चा
जानकारी के अनुसार, चक समाना गांव में शुक्रवार (15 मई) शाम करीब 4 बजे साढ़े 3 साल का गुरकरण सिंह उर्फ वंश घर के बाहर खेतों में खेल रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसला और वह बोरवेल में जा गिरा। घटना का पता चलते ही परिवार और गांव में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को बचाने की कोशिश की। गिरते वक्त आवाज लगाई- मुझे पकड़ लो
बच्चे की मां ने बताया कि शाम करीब 4 बजे बड़ा बेटा उनके पास आया और चाय बनाने के लिए कहा। उस समय वह घर में चाय बना रही थीं। इसी दौरान दोनों बच्चे खेलते-खेलते बाहर चले गए। मां के मुताबिक तभी छोटा बेटा गुरकरण अचानक बोरवेल में गिर गया। यह देखकर बड़ा बेटा घबराकर दौड़ता हुआ उनके पास आया और बताया कि उसका भाई गड्ढे में गिर गया है। उन्होंने बताया कि जब गुरकरण गिर रहा था तो वह अंदर से आवाज लगा रहा था कि “मुझे पकड़ लो।” परिवार ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन उनका हाथ उस तक नहीं पहुंच पाया और वह धीरे-धीरे नीचे चला गया। SHO ने क्या बताया, 3 पॉइंट में पढ़िए… अंधेरे में रेस्क्यू के लिए लाइट का इंतजाम
बच्चे को बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने मौके पर 4 जेसीबी मशीनें लगाईं। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई परेशानी न आए, इसके लिए लाइट और अन्य जरूरी इंतजाम भी किए गए। एसडीएम समेत कई अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के PHOTOS… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए..
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