रोहतक में भालौठ सब ब्रांच नहर को कंक्रीट से पक्का करने के खिलाफ आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने काहनी रिठाल रोड पर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और सरकार की गलत नीति का विरोध करते हुए नारेबाजी की। साथ ही कहा कि इससे ग्रामीणों के लिए न तो पीने का पानी, न ही सिंचाई के लिए पानी बचेगा। इसलिए सरकार अपनी नीति में बदलाव करे अन्यथा ग्रामीण आंदोलन को तेज करेंगे। नहर को पक्का करने के खिलाफ गांव रिठाल, धामड़, किलोई, काहनी, घिलौड़ के किसानों ने बताया कि काफी पहले जेएलएन नहर को पक्का कर दिया। अब सरकार भालौठ सब ब्रांच नहर को कंक्रीट डाल कर पक्का कर रही है। साथ ही नहर पर पुलों के पास कहीं घाट भी नहीं छोड़े जा रहे, जिससे आने वाले समय में इन गांवों के ग्रामीणों के लिए पीने के पानी का संकट पैदा हो जाएगा। नहर पक्की करने से घटेगा भूमिगत जलस्तर
ग्रामीण प्रेम ने बताया कि नहर को पक्का करने के कारण भूमिगत जलस्तर घट जाएगा, जिससे सिंचाई का पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाएगा। ऐसे में आस पास के लोगों का जीवन बसर मुश्किल हो जाएगा । पीने के पानी को बाहर से खरीदने तक लोगों को मजबूर होना पड़ेगा। जेएलएन को पक्का करने का अनुभव रहा खराब
किसानप्रेम ने बताया कि सरकार की नीति एकतरफा है। पहले जब जेएलएन को पक्का किया या जहां कहीं भी अन्य नहरों को पक्का किया, वहां का अनुभव काफी खराब है। वहां पानी के नल में भी पानी नहीं बचा है। आज भी इन गावों के लोग नहर से ही पीने के पानी का इस्तेमाल करते है। नहर को पक्का किया तो पीने का पानी भी नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने लगाया पक्का धरना
किसान प्रेम ने कहा कि गांव रिठाल, धामड़, किलोई, काहनी व घिलौड़ के ग्रामीणों ने नहर पर पक्का धरना लगाकर सरकार की नीति का विरोध किया। ग्रामीणों ने विभाग और सरकार से इस नीति को बदलने, पुलों के पास घाट छोड़ने और स्थानीय ग्रामवासियों के जायज सवालों के समाधान करने की मांग की।
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