नागौर के खींवसर में जेके सीमेंट कंपनी के सीमेंट प्लांट एक्सपेंशन को लेकर विवाद छिड़ गया है। कंपनी की ओर से करीब 5 हजार बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में दलाल भी एक्टिव किए गए हैं, जो किसान और कंपनी प्रबंधन के बीच बिचौलिया बने हुए हैं। दलाल किसानों की जमीन को कौड़ियों के दाम खरीदकर कंपनी को महंगे दामों पर बेच रहे हैं। यह पूरी प्रोसेस सिर्फ एग्रीमेंट के आधार पर की जा रही है। किसानों का कहना है- हमारी जमीन एग्रीमेंट करके बुक कर ली जाती है, फिर लंबे समय तक दलाल जमीन को होल्ड रखते हैं। इसके बाद कंपनी को महंगे दाम पर बेचकर किसानों को उसकी आधी रकम ही थमा रहे हैं। हाल यह है कि अगर किसान एग्रीमेंट का तय समय पूरा होने के बाद किसी दूसरे को जमीन बेचते है, तो दलाल उसे कोर्ट कार्रवाई और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। किसानों का कहना है- फिलहाल करीब 700 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। लेकिन दलाल अब धमकाने लगे है, जिससे किसान आंदोलन करने की रणनीति बना रहे है। हालांकि जमीनों के सौदे को लेकर लालावास और ताडावास सहित आसपास के गांवों में दलाल सक्रिय हो गए हैं और किसानों को अंधेरे में रखकर बड़े पैमानें पर जमीनों के सौदे में मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उनके साथ ठगी की गई है और दलालों ने उन्हें अंधेरे में रखा है। किसान बोले- एक बीघा पर 7 लाख तक की धोखाधड़ी कर रहे दलाल
किसान श्रवण ने बताया- दलाल आत्मा राम और जय प्रकाश ने उनकी जमीन का 10 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से एग्रीमेंट करवाया। लेकिन न तो उन्हें पैसे दिए गए, न ही जमीन की रजिस्ट्री करवाई। जब हमनें अपनी जमीन किसी दूसरे किसान को 12 लाख रुपए प्रति बीघा में बेच दी, तो दलाल उन्हें धमकाने लगे। आरोप है कि अब उन्हें कोर्ट से नोटिस भेजकर डराया जा रहा है और जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही है। बाद में पता चला कि उनकी जमीन की असली कीमत 17 लाख रुपए प्रति बीघा तक थी। श्रवण के पास 9 बीघा जमीन थी जिसका उसने दलाल से एग्रीमेंट किया था। हमारे हक का पैसा दलाल खा रहे
किसान ताजाराम का कहना है- एक साल पहले जोधपुर के जय प्रकाश नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और लालावास क्षेत्र में जमीनों के सौदे शुरू किए। ताजाराम और उनके साथियों ने मिलकर करीब 700 बीघा जमीन दिलवाई। बाद में उन्हें पता चला कि दलालों ने प्रति बीघा 7 लाख रुपए का मोटा कमीशन खाया है। आरोप है कि किसानों के हक का पैसा दलाल खा गए। कंपनी ने दिए 14 से 17 लाख, किसानों को थमाए सिर्फ 10 लाख
किसानों का कहना है- सीमेंट कंपनी ने जमीन अधिग्रहण के लिए 14 से 17 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से भुगतान किया था। दलालों ने किसानों ने कॉन्टेक्ट किया और बीच में चेन बनकर किसानों तक असली कीमत की जानकारी ही नहीं पहुंचने दी। दलालों ने किसानों से महज 10 से 11 लाख रुपए प्रति बीघा में जमीनें खरीद लीं और कंपनियों को ऊंचे दामों में बेच दी। इस तरह प्रति बीघा पर 5 से 7 लाख रुपए का कमीशन दलालों ने खाया है। एग्रीमेंट कर बुक कर रहे जमीन, दूसरों को बेचने पर दे रहे धमकी
किसानों का कहना है- किसान और कंपनी के बीच में दलाल सक्रिय होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। दलालों ने पहले किसानों से जमीन का एग्रीमेंट करवा लिया, लेकिन बाद में जमीन नहीं खरीदी। इसके बाद परेशान होकर किसान ने अपनी जमीन दूसरे व्यक्ति को बेच दी, तो दलाल अब उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं और कोर्ट से नोटिस भिजवाकर डरा रहे हैं। विधायक बोले- किसानों का आर्थिक नुकसान बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई हो
खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा ने कहा- कुछ दलाल क्षेत्र में किसानों को निशाना बना रहे है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रशासन से मांग है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए दोषी दलालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसा खेल न हो।
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