सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में नशीली कफ सिरप के बढ़ते कारोबार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार शाम करीब 4 बजे कुसमी थाना परिसर में मेडिकल संचालकों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी, तहसीलदार नारायण सिंह और नायब तहसीलदार टोप्पो उपस्थित रहे। बैठक में मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी व्यक्ति को नशीली कफ सिरप न बेची जाए। इसके अतिरिक्त, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोई भी दवा देते समय विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार संदिग्ध तरीके से कफ सिरप या नशे से जुड़ी दवाइयों की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए। अधिकारियों ने जोर दिया कि क्षेत्र में नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने में मेडिकल दुकानों की भूमिका महत्वपूर्ण है और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लगातार शिकायतें मिल रही तहसीलदार नारायण सिंह ने बताया कि कुसमी क्षेत्र में नशीली कफ सिरप के अवैध उपयोग और कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने पहले चरण में मेडिकल संचालकों को जागरूक और जिम्मेदार बनाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में मेडिकल संचालकों को दवाइयों का रिकॉर्ड सही ढंग से रखने, संदिग्ध ग्राहकों पर नजर रखने और सभी नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में बिना प्रिस्क्रिप्शन नशीली दवाइयों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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