हरियाणा होमगार्ड विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अवैध एनरोलमेंट और वेलफेयर फंड में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई नेशनल होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के नेशनल को-ऑर्डिनेटर कर्मबीर अलेवा की शिकायत पर हुई है। जिसके लिए मुख्य सचिव ने एसीबी को परमिशन दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 नवंबर 2016 के बाद नई भर्ती पर रोक होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने सिफारिश और धनराशि लेकर अवैध रूप से नए लोगों की एनरोलमेंट की। वहीं, कई पुराने होमगार्ड जवानों को बिना कारण बताए और बिना विभागीय नोटिस दिए सेवा से हटा दिया गया। शिकायतकर्ता ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया है। वेलफेयर फंड में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप शिकायत में यह भी कहा गया है कि जवानों के ड्यूटी भत्तों से करोड़ों रुपए वेलफेयर फंड में जमा कराए गए, लेकिन सेवा से हटाए गए जवानों को न तो उसका लाभ मिला और न ही राशि लौटाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत आपराधिक विश्वासघात बताया है। शिकायत में विभागीय अधिकारियों पर सरकार को भ्रामक रिपोर्ट देने और पैसे लेकर अनुभवहीन लोगों की भर्ती करने के आरोप भी लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि शिकायतकर्ताओं के पास कथित लेन-देन और भ्रष्टाचार से जुड़ी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं। RTI में गलत जानकारी देने का आरोप शिकायत में यह भी कहा गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में विभागीय अधिकारियों ने गलत और भ्रामक सूचना देकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। इन धाराओं में केस दर्ज हुआ ACB की प्रारंभिक कार्रवाई में होमगार्ड विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 8 और 13(1)(डी) के साथ-साथ IPC की धारा 409, 420, 120बी और 166 के तहत केस दर्ज किया गया है।
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