पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) पटियाला के अंतिम वर्ष के एक एमबीबीएस (MBBS) छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 36 घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि कातिल कोई और नहीं बल्कि मृतक का बचपन का सबसे प
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पुलिस ने आरोपी की पहचान मोहित वर्मा के रूप में की है। मृतक छात्र कमलदीप कुमार मित्तल दोनों ही मानसा जिले के बरेटा कस्बे के रहने वाले थे और सालों से एक-दूसरे को जानते थे।
शेयर मार्केट का विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच और पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है उसने सबको चौंका दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कमलदीप और मोहित दोनों दोस्तों ने मिलकर शेयर मार्केट में पैसे लगाए थे। कमलदीप लगातार मोहित से अपने 3 से 4 लाख रुपये वापस मांग रहा था और पैसे लौटाने का लगातार दबाव बना रहा था। हालांकि लेन-देन का यह विवाद ₹20 लाख के आसपास का भी हो सकता है, जिसकी पुलिस अभी गहराई से पुष्टि कर रही है। इसी पैसों के विवाद से परेशान होकर मोहित ने अपने ही दोस्त को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
पीजी में खून से लथपथ पड़ा कमल का शव।
साजिश के तहत खरीदा चाकू, फिर साथ देखी मूवी और IPL
जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी मोहित वर्मा सोमवार सुबह से ही वारदात को अंजाम देकर फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात से एक दिन पहले ही हत्या में इस्तेमाल किया गया बड़ा चाकू खरीदा था जिससे साफ होता है कि यह कोल्ड-ब्लडेड मर्डर (सोची-समझी साजिश) था।
वारदात वाली रात आरोपी मोहित कमलदीप के कमरे पर ही था। हत्या जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों ने साथ बैठकर मूवी देखी और आईपीएल (IPL) मैच का लुत्फ उठाया। कमलदीप को भनक तक नहीं थी कि उसका दोस्त उसके बैग में मौत का सामान लेकर आया है।

हत्मया के बाद विलाप करते मृतक के पिता। फाइल फोटो
बाथरूम में घुसकर किए 25 से 30 वार, टूट गया चाकू
अगली सुबह जैसे ही कमलदीप बाथरूम में गया मोहित ने अपने बैग से चाकू निकाला और उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना बर्बर और बेरहमी से किया गया था कि कमलदीप के शरीर पर चाकू के 25 से 30 गहरे घाव मिले। आरोपी ने इतनी ताकत और नफरत से वार किए कि हमले के दौरान चाकू तक टूट गया। कमलदीप की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
हत्या के बाद खाते से उड़ाए पैसे, पुलिस को चमका देने के लिए चली चालें
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोहित ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने मृतक कमलदीप के फोन का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से करीब ₹25 हजार अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। वारदात के दौरान खुद मामूली रूप से घायल होने के बाद वह एक अस्पताल में इलाज करवाने भी गया और वहां से सीधे फरार हो गया।
पुलिस अधिकारी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार बेहद शातिराना चालें चल रहा था। वह ट्रैक होने से बचने के लिए बार-बार अलग-अलग सिम कार्ड और स्मार्टफोन की जगह छोटा कीपैड फोन इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन पुलिस की मुस्तैद टीमों ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर कई राज्यों में छापेमारी की और आखिरकार 36 घंटे के भीतर उसे दबोच लिया।
