लुधियाना में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हारपाल सिंह चीमा ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य के कई अहम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। प्रेस वार्ता में राज्य भर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करवाना और विपक्षी नेताओं विशेषकर भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के विवादित बयानों पर किया गया तीखा पलटवार रहा। सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की हड़ताल वापस मंत्री चीमा ने सबसे बड़ी राहत की खबर देते हुए बताया कि पंजाब के विभिन्न नगर निगमों (ULBs), नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की हड़ताल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई है।
बैठक और सहमति: सफाई कर्मचारियों की 35 सदस्यीय समिति (जिसमें 5 सदस्यीय कोर कमेटी शामिल थी) ने कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मांगों पर विचार: कर्मचारियों की मुख्य मांगें आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमन (regularization) और स्थानीय निकायों की समस्याओं से जुड़ी थीं। कई मांगों पर तुरंत सहमति बन गई है। एक महीने का समय: जो मांगें वर्तमान में चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) के दायरे में आ रही हैं उनके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। सरकार ने इन सभी पेंडिंग मुद्दों को सहानुभूतिपूर्वक सुलझाने के लिए एक महीने की समय सीमा (Timeline) तय की है। रवनीत बिट्टू के ‘ISI एजेंट’ वाले बयान पर तीखा पलटवार भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री को ISI एजेंट कहे जाने के सवाल पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा एक चुने हुए मुख्यमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना 3 करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान (तौहीन) है। भाजपा को बताया ‘एंटी-पंजाब’: मंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सोच पूरी तरह से एंटी-पंजाब (पंजाब विरोधी) है। कैप्टन अमरिंदर सिंह का जिक्र: उन्होंने रवनीत बिट्टू और सुनील जाखड़ (जो अब भाजपा में हैं) से सवाल पूछते हुए कहा कि जब वे कांग्रेस में थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के घर में एक पाकिस्तानी नागरिक (अरूसा आलम) रहती थीं,तब वे चुप क्यों थे क्या तब उन्होंने देश और पंजाब की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया था कॉकरोच जनता पार्टी’ और युवाओं के अधिकारों पर बयान हाल ही में युवाओं द्वारा बनाए गए एक आंदोलन (जिसे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम दिया गया था) को बैन किए जाने के मुद्दे पर मंत्री ने लोकतंत्र की दुहाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने और अपनी विचारधारा जनता के सामने रखने का अधिकार देता है। साथ ही, उन्होंने समाज के युवाओं लड़के-लड़कियों को कॉकरोच जैसे भद्दे नामों से संबोधित करने की कड़ी निंदा की और इसे युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया। DA (महंगाई भत्ते) पर हाईकोर्ट के फैसले की होगी कानूनी समीक्षा पंजाब सरकार के DA (Dearness Allowance) से जुड़े फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया अभी तक सरकार को अदालत के आदेश की आधिकारिक कॉपी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति मिलने के बाद उसकी कानूनी समीक्षा (Legal Review) की जाएगी और उसके अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक DA फ्रीज कर रखा था, जबकि मौजूदा आप सरकार ने इसे बहाल करने का प्लान अदालत में पेश किया था जिसे पहले स्वीकार भी किया गया था।
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