चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड पर नगर निगम ने पहली बार बड़े स्तर पर हाथों से पॉलीथीन और नॉन-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट हटाने का अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार खुद डंपिंग ग्राउंड पहुंचे और निगम कर्मचारियों के साथ सफाई अभियान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर कूड़ा भी इकट्ठा करवाया। भीषण गर्मी के बीच 518 कर्मचारी पूरे दिन सफाई अभियान में जुटे रहे। पहले ही दिन 24 ट्रकों में भरकर करीब 7.24 टन पॉलीथीन और नॉन-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट बाहर निकाला गया। जहां पहले सिर्फ पॉलीथीन दिखाई देती थी, वहां शाम तक लाल मिट्टी नजर आने लगी। नगर निगम का यह सफाई अभियान शनिवार तक चलेगा। वीरवार को मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) शाखा के कर्मचारी भी डंपिंग ग्राउंड पहुंचेंगे। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अभियान डंपिंग ग्राउंड को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डंपिंग ग्राउंड पर फैली पॉलीथीन को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए सफाई के लिए 26 मई तक का समय दिया था। इसके बाद निगम ने चार दिन का विशेष सफाई महाअभियान शुरू किया। निगम के विभिन्न विंग्स के कर्मचारियों को ट्रक, ट्रॉली और मशीनरी के साथ डंपिंग ग्राउंड पहुंचने के निर्देश दिए गए। जहां पहले कूड़े का बड़ा ढेर था, वहां अब चरणबद्ध तरीके से सफाई की जा रही है। गर्मी को देखते हुए कर्मचारियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। साथ ही मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए पूरे दिन पानी का छिड़काव भी किया गया। 45 ब्लॉक्स में बांटकर हो रही सफाई नगर निगम ने पूरे क्षेत्र को 45 ब्लॉक्स में बांटा है। हर ब्लॉक का आकार 50 गुणा 100 फीट रखा गया है। हर ब्लॉक की जिम्मेदारी अलग-अलग सब-डिवीजन को दी गई है। संबंधित सब-डिवीजन के एसडीई, जेई, लेबर और मशीनरी मिलकर अपने-अपने ब्लॉक में सफाई कर रहे हैं। एक ब्लॉक साफ होने के बाद उन्हें दूसरा ब्लॉक आवंटित किया जाएगा। पहले दिन दो ब्लॉक्स को पूरी तरह साफ कर दिया गया। करीब 100 बाय 200 फीट क्षेत्र से एक-एक पॉलीथीन उठाई गई। यहां लगेगा IOCL का बायोगैस प्लांट जिस जमीन पर फिलहाल सफाई अभियान चल रहा है, वहां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) 10 एकड़ क्षेत्र में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाएगी। हाल ही में नगर निगम और आईओसीएल के बीच समझौता हुआ है। निगम रोजाना 200 टन गीला कचरा और 30 टन गोबर कंपनी को देगा। आईओसीएल प्लांट का डिजाइन, निर्माण और संचालन करेगी। प्लांट को दिसंबर 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डंपिंग ग्राउंड पर अब भी कूड़े के ढेर डंपिंग ग्राउंड में फिलहाल मिक्स वेस्ट प्लांट चल रहा है, लेकिन वेस्ट प्रोसेसिंग की रफ्तार धीमी होने के कारण कूड़ा लगातार जमा हो रहा है। यहां 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाला वेट वेस्ट प्लांट भी लगा है, लेकिन कंपनी का दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उसने आगे काम करने से मना कर दिया। अब निगम ने नई कंपनी के चयन के लिए 4 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है।
Source link
