झारखंड सहित राजधानी रांची में इन दिनों तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप और दिन चढ़ते ही गर्म हवा के थपेड़ों ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम हो गई है। शुक्रवार को रांची का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो लगातार बढ़ने के संकेत दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 23 मई को तापमान 40 डिग्री, 24 मई को 41 डिग्री और 25 मई तक 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। रात में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिससे उमस भरी गर्मी में राहत नहीं मिल पा रही है। पलामू, गढ़वा और चतरा में हीटवेव का अलर्ट राज्य के कई जिलों में हीटवेव का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार को गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में लू चलने की संभावना जताई है। वहीं 24 से 26 मई के बीच गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 27 मई को रांची सहित गढ़वा, पलामू और चतरा में फिर से लू चलने का अनुमान है, जहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बोकारो में 41.5 डिग्री, जमशेदपुर में 38.6 डिग्री और चाईबासा में 39.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। हीटवेव अब ले रहा जान भीषण गर्मी और लू का असर अब जानलेवा साबित होने लगा है। पलामू जिले के छतरपुर क्षेत्र में लू लगने से दो अधेड़ों की मौत हो गई। बचकोमा गांव के दुमुहान जंगल में भदई भुइंया (50) का शव बरामद हुआ, जबकि दूसरी घटना में विनोद राम (50) की मौत लू लगने से हुई। वहीं जमशेदपुर में भी बीते 24 घंटे के भीतर महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। परसुडीह थाना क्षेत्र के गोलपहाड़ी में पूजा भूमिज (24) की सड़क पर मौत हो गई, जबकि मानगो डिमना रोड में पुष्टि मुखी (30) ने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार इन सभी मामलों में प्रारंभिक कारण तेज गर्मी और लू ही मानी जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। अल नीनो का खरीफ फसल पर असर के संकेत झारखंड में गर्मी के साथ-साथ आने वाले खरीफ सीजन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए इस वर्ष सामान्य से 30 से 35 प्रतिशत कम बारिश की आशंका जताई है। इससे राज्य में खरीफ की खेती प्रभावित हो सकती है। सरकार ने इस साल 28.35 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा है, जिसमें 18 लाख हेक्टेयर में धान की खेती शामिल है। हालांकि किसानों को केवल धान पर निर्भर न रहने की सलाह दी गई है। ऊंची जमीन पर मडुआ (रागी), उड़द, मूंग और सोयाबीन जैसी कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने खेतों में जल संरक्षण के उपाय अपनाने, मेढ़बंदी करने और वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था रखने की सलाह दी है। सभी जिलों को संभावित कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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