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SP के बाद CS-DGP और IGP दरबार पहुंचा SHO थप्पड़कांड: यमुनानगर में पीड़ित बोला- SP ने डेढ़ घंटे ऑफिस में बिठाकर रखा – Yamunanagar News

SP के बाद CS-DGP और IGP दरबार पहुंचा SHO थप्पड़कांड:  यमुनानगर में पीड़ित बोला- SP ने डेढ़ घंटे ऑफिस में बिठाकर रखा – Yamunanagar News

यमुनानगर के सिटी थाना एसएचओ और फैक्ट्री संचालक के बीच हुए चर्चित थप्पड़ कांड में नया मोड़ आ गया है। एसपी यमुनानगर को शिकायत देने के बाद अब फैक्ट्री संचालक संजीव कुमार ने मामला हरियाणा के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस महानिरीक्षक (IGP) अंबाला रेंज और हरियाणा के मुख्य सचिव को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजकर सिटी थाना एसएचओ इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा, हेड कांस्टेबल विनोद तथा अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पानी पीने के बहाने एससी ऑफिस से निकला शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसके साथ न केवल मारपीट की गई बल्कि बाद में दबाव बनाकर समझौता कराया गया और अब उसकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह लिखित शिकायत लेकर एसपी यमुनानगर के पास पहुंचा तो उसकी शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उसे करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय में बैठाए रखा गया और बाद में समझौता करने की सलाह दी गई। इसके बाद वह पानी पीने के बहाने ऑफिस से निकल गया। हालांकि एसपी कमलदीप गोयल ने इस मामले में डीएसपी हेडक्वार्टर को जांच साैंपी है उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। 21 मई की रात को एसएचओ ने मारे थे थप्पड़ जगाधरी की गंगा नगर कॉलोनी का निवासी फैक्ट्री संचालक संजीव कुमार ने बताया कि 21 मई की रात करीब 10 बजे वह रेलवे स्टेशन चौक स्थित प्रवीण ढाबा के सामने अपने दोस्तों के साथ पार्टी के लिए खाना पैक कराने गया था। उसी दौरान एक पुलिस जीप वहां पहुंची। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी मोटरसाइकिल को लेकर पूछताछ शुरू कर दी और बाद में कागजात मांगने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने पुलिस को बताया कि कागजात घर पर हैं और वह दिखा देगा, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उस पर शराब पीने का आरोप लगा दिया। शिकायत में कहा गया है कि जब उसने शराब पीने से इनकार करते हुए मेडिकल जांच कराने की बात कही तो पुलिस अधिकारी भड़क गए। आरोप है कि एसएचओ नरेंद्र राणा और हेड कांस्टेबल विनोद ने उसे सरेआम थप्पड़ मारे और उसकी मोटरसाइकिल अपने साथ ले गए। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उस समय अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। समझौता न करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप संजीव कुमार के अनुसार घटना के बाद उसने मीडिया के कुछ लोगों को मौके पर बुलाया और मामला सार्वजनिक हो गया। इसके अगले दिन उसे सिटी थाना बुलाया गया, जहां कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी में उस पर समझौते का दबाव बनाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे कहा गया कि यदि समझौता नहीं किया तो उसे झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि भारी दबाव के कारण उसे मजबूरन समझौते पर हस्ताक्षर करने पड़े। पीड़ित ने कहा कि समझौते के बाद से कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह प्रचार कर रहे हैं कि वह शराब के नशे में था और इसी वजह से पुलिस ने उसके साथ कार्रवाई की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। पीड़ित बोला- एसपी ऑफिस में डेढ़ घंटा बिठाकर रखा संजीव कुमार ने अपनी नई शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है कि सोमवार को जब वह लिखित शिकायत लेकर एसपी यमुनानगर के पास पहुंचा तो उसकी शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। शिकायत के अनुसार उसे करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय में बैठाए रखा गया और बाद में समझौता करने की सलाह दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि यदि समझौता नहीं किया तो उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो सकता है। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद डर के मारे वह पानी पीने के बहाने से वहां ने निकल गया। शिकायतकर्ता ने एसएचओ नरेंद्र राणा, हेड कांस्टेबल विनोद और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने, मारपीट, धमकी, जबरन समझौता कराने और मानहानि के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।



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