जैसलमेर जिले में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। इस मुकद्दस मौके पर जैसलमेर का मुस्लिम समाज कौमी एकता की एक अनूठी मिसाल पेश करने जा रहा है। कदीमी ईदगाह कमेटी और ‘जमियत उलमा-ए-हिंद’ के बैनर तले इस बार ईद की नमाज़ के ठीक बाद एक विशेष राष्ट्रव्यापी पहल की शुरुआत होगी। इसके तहत बेरा रोड और डेडानसर रोड स्थित ईदगाहों में नमाज़ अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोग गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यह कदम देश में आपसी सौहार्द, शांति और सनातन आस्था के प्रति सम्मान को मजबूत करेगा। इस अभियान के तहत हस्ताक्षरों वाले मांग पत्र की प्रति जिला कलेक्टर के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजी जाएगी। शहर काजी की समाज से अपील- घर से वज़ू बनाकर आएं शहर काजी मौलाना बैग मोहम्मद कादरी ने आधिकारिक पत्र जारी कर समस्त मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय पर ही ईदगाह पहुंचें। उन्होंने कहा- “सभी मुस्लिम भाई अपने-अपने घरों से ही वज़ू बनाकर और अपनी जा-नमाज़ (जायनमाज़) साथ लेकर ईदगाह स्थल पर पहुंचें। नमाज़ के बाद मुल्क-ए-अज़ीज़ भारत की हिफाज़त, तरक्की, अमन-चैन और विश्व शांति के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी।” प्रमुख ईदगाहों में नमाज़ का समय गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन कदीमी ईदगाह कमेटी के सचिव अब्दुल कयुम ने बताया कि इस वर्ष ईद-उल-अजहा के मुकद्दस मौके पर ‘जमियत उलमा-ए-हिंद’ के नेतृत्व में सभी मुस्लिमों द्वारा एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। नमाज़ के बाद समाज के लोगों के हस्ताक्षर युक्त इस मांग पत्र की प्रति जिला कलेक्टर को सौंपी जाएगी। बैठक में ये रहे मौजूद मदरसा अनवारूल उलूम में हुई बैठक में ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष सुमार खान सौरा, हाजी गाजी खान, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुमार खान, हाजी साबिर अली, सचिव अब्दुल कयुम, कमाल खान, अनसार अली, अब्दुल रउफ और खालीद हुसैन सहित मुस्लिम समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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