पंजाब में संपन्न हुए निकाय चुनावों के अंतिम आंकड़े सामने आ गए हैं। इस बार चुनावों में मतदाताओं का मिला-जुला उत्साह देखने को मिला और कुल 63.94% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, नगर पंचायतों में लोगों ने बड़े शहरों की तुलना में अधिक उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लिया, जबकि नगर काउंसिलों में मतदान औसत रहा। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों और 35 हजार चुनाव कर्मचारियों को तैनात किया था। इसके बावजूद कई जिलों से हिंसक झड़पों, पथराव और लाठीचार्ज की खबरें सामने आईं। कुल मतदान में 9.59% की गिरावट इस बार निकाय चुनावों में कुल 63.94% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव की तुलना में काफी कम है। साल 2021 के पंजाब निकाय चुनाव में रिकॉर्ड 73.53% मतदान हुआ था। इस तरह इस बार वोटिंग प्रतिशत में करीब 9.59% की गिरावट दर्ज की गई। 2021 के चुनावों में बठिंडा, पठानकोट और अमृतसर जैसे अधिकांश निगम क्षेत्रों में मतदान 70% से अधिक रहा था, लेकिन इस बार बड़े शहरों में मतदान का ग्राफ काफी नीचे रहा। नगर पंचायतों में सबसे ज्यादा मतदान चुनावी आंकड़ों के अनुसार, नगर पंचायतों में सबसे अधिक 76.18% मतदान दर्ज किया गया। यहां कुल 1,41,643 मतदाताओं में से 1,07,903 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, नगर निगम क्षेत्रों में सबसे कम 59.91% मतदान हुआ। यहां 10,71,403 पंजीकृत मतदाताओं में से 6,41,930 वोटर ही मतदान केंद्रों तक पहुंचे। नगर काउंसिलों में मतदान प्रतिशत 65.06% रहा। संख्या के लिहाज से यहां सबसे अधिक मतदाता थे। कुल 22,87,637 मतदाताओं में से 14,88,408 लोगों ने वोट डाले। एक नजर में मतदान के आंकड़े 7,555 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद इस बार के निकाय चुनावों में कुल 1,896 वार्डों में 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं। नगर निगमों की बात करें तो अबोहर, बटाला, बरनाला, बठिंडा, कपूरथला, मोहाली, मोगा और पठानकोट समेत 8 नगर निगमों के 396 वार्डों में 1,613 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा, 75 नगर काउंसिलों के 1,282 वार्डों में सबसे अधिक 5,142 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि 20 नगर पंचायतों के 218 वार्डों में 800 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो चुकी है। सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर पंजाब के निकाय चुनावों में 79 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसके बाद अब 7,555 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के हैं, जिनकी संख्या 1,801 है। इसके बाद कांग्रेस के 1,550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1,316, शिरोमणि अकाली दल के 1,251 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, 1,528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। 29 मई को होगी मतगणना पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों की वोटिंग समाप्त हो चुकी है और अब लोगों की निगाहें 29 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इन चुनावों को सिर्फ मेयर और पार्षद चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ताकत की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। इन नतीजों से न केवल शहरों की सरकार तय होगी, बल्कि यह भी साफ होगा कि 2027 के चुनावों से पहले किस दल की पकड़ सबसे मजबूत है। तुलनात्मक विश्लेषण: 2021 बनाम ताजा चुनाव
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