स्कूल के आगे प्रदर्शन करती हुई लड़कियां।
स्कूली स्तर पर होने वाली छात्रा रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में खिलेरिया स्कूल की टीम को गोल्ड मेडल जिताने में अहम भूमिका निभानेवाली छात्रा काे जिले की टीम में शामिल नहीं करने पर लड़कियों ने हंगामा कर दिया। स्कूल के बाहर धरना देकर लड़कियों ने चयन समिति को
.
मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खिलेरिया के छात्र- छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। इससे पहले सोमवार को भी इन छात्राओं ने क्लास छोड़कर विरोध दर्ज कराया था। आज मुख्य गेट पर एकत्रित होकर चयन समिति व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 15 सितम्बर को छात्रा खिलाड़ियों ने अभिभावकों के साथ निदेशालय पहुंचकर चयन में हुई गड़बड़ी को लेकर विरोध दर्ज करवाया था। संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बीकानेर ने सम्पूर्ण प्रकरण की जांच के लिए सीबीईओ लूणकरणसर पत्र लिखा गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर लूणकरणसर सीबीईओ रमेश ने तीन प्रधानाचार्य की एक कमेटी का गठन कर जांच करवाई थी ,जांच कमेटी के समक्ष टीम व टीम प्रभारियों ने प्रतियोगिता के फोटो और विडियो क्लिप सहित प्रतियोगिता व खिलाड़ियों के चयन हुई गड़बड़ी के सबूत दिए गए। बयान भी दर्ज करवाए गए। आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित लड़कियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया।
खिलेरिया टीम के खिलाड़ियों ने एक वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक पर बिना डयूटी खेल मैदान पर सह निर्णायक की भूमिका निभाने व चयन को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। खिलाड़ियों का आरोप हे कि बेस्ट कीक लगाने वाली छात्रा किरण का चयन नही हुआ।
खिलेरिया टीम ने आरोप लगाया है कि इस जिला स्तरीय स्कूली 19 वर्ष छात्रा वर्ग रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में सफल कन्वर्जनस कीक मात्र चार लगाए गए। इनमें तीन कीक टीम की सेन्टर खिलाड़ी किरण ने लगाए है। अब उसी का चयन नहीं किया जा रहा।
कन्वर्जनस कीक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बावजूद किरण का नाम राज्य स्तर चयन सूची नहीं होने से खिलाड़ियों में आक्रोश फैल गया।खिलाड़ियों और अभिभावकों का आरोप है कि चयन समिति के सदस्यों ने अपनी मनमर्जी व भेदभाव पूर्ण चयन किया है जो खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा पर चोट हैं। सात दिन से अभिभावक और खिलाड़ी दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, लेकिन अबतक सुनवाई नही होने से नाराज खिलाङियों ने शनिवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।खिलाड़ियों और अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
लड़कियों की प्रमुख मांग
- अयोग्य खिलाड़ियों को बाहर कर खिलेरिया सहित योग्य खिलाड़ियों का चयन किया जावे।
- चयन समिति सदस्यों को किसी भी प्रतियोगिता की चयन समिति में शामिल करने पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगाया जावे।
- बिना डयूटी खेलकूद प्रतियोगिता के चलते मैच में मैदान पर अघोषित निर्णायक की भूमिका निभाने वाले कार्मिक को निलम्बित किया जावे।
जांच चल रही है
इस बारे में जांच अधिकारी कार्यवाहक सीबीईओ रमेश कुमार का कहना है कि जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौपी नहीं है,रिपोर्ट आते ही तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी को भेज देगे।
कंटेंट : रामप्रताप गोदारा, लूणकरनसर
