राजस्थान में घरेलु गैस उपभोक्ता को इन दिनों तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL की ओर से एक मैसेज भेजा जा रहा है, जिसमें उनसे उनकी आय संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। कंपनियों की तरफ से भेजे गए मैसेज में कंपनियों ने उपभोक्ताओं से पूछा है ” कि क्या आपकी या आपके परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है। अगर आपको आपत्ति है तो हमारे पोर्टल या टोल-फ्री नंबर पर 7 दिन के अंदर इसकी शिकायत या जानकारी दर्ज करवाएं। अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं आता है तो आपकी एलपीजी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।” उज्ज्वला और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट कनेक्शनधारियों की बढ़ी चिंता इस तरह के मैसेज के आने के बाद उज्जवला और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) कनेक्शनधारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन उपभोक्ताओं को घरेलु एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का डेटा नए सिरे से अपडेट कर रही हैं। इसके लिए आयकर विभाग से भी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जा सके जिनकी सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है। बतादें, साल 2015 में बने नियमों के अनुसार 10 लाख रुपए से अधिक आय वाले परिवार एलपीजी सब्सिडी के पात्र नहीं हैं। हालांकि अब तक यह प्रक्रिया स्वघोषणा के आधार पर चल रही थी। अभी केवल इन उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी वर्तमान में केन्द्र और राज्य सरकार केवल उज्ज्वला योजना, बीपीएल और एनएफएसए श्रेणी के उपभोक्ताओं को ही घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। यह सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उपभोक्ताओं के खातों में भेजी जाती है। सामान्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाती। 3 सरकारी तेल कंपनियों के 1.85 करोड़ उपभोक्ता राजस्थान में वर्तमान में तीनों सरकारी तेल कंपनियों के करीब 1 करोड़ 85 लाख घरेलु एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 74 से 75 लाख की संख्या में उज्ज्वला कनेक्शनधारी हैं। तेल कंपनियों का फोकस सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं है। कंपनियां पूरे एलपीजी डाटाबेस को अपडेट करने में जुटी हैं। इस अभियान के तहत उन कनेक्शन को भी रिव्यू किया जा रहा है, जो किसी मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे हैं। ऐसे मामलों में भी परिजनों को SMS भेजे जा रहे हैं और 30 दिन के अंदर केवाईसी करवाने और कनेक्शन परिवार के किसी पात्र सदस्य के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करने की चेतावनी दी गई है। कुछ ही ग्राहकों को भेजे हैं मैसेज राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया कि फिलहाल केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मैसेज भेजे गए हैं, जिनकी आय 10 लाख रुपए से अधिक होने की संभावना है। कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही एलपीजी सब्सिडी का लाभ मिले। साथ ही ऐसे निष्क्रिय या मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे कनेक्शनों का रिकॉर्ड भी अपडेट किया जा रहा है। — ये खबर भी पढ़ें… घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड गैस की रेट बढ़ी:जयपुर में कंपनी ने 2 रुपए बढ़ोतरी की, बढ़ी कीमतें आज से होगी लागू जयपुर में घरों पर सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) आज से महंगी हो गई। PNG सेवा देने वाली कंपनी टोरेंट गैस लि. ने शुक्रवार से कीमतों में करीब 2 रुपए तक का इजाफा किया है। जानकारी के मुताबिक अभी तक जयपुर के अलग-अलग एरिया में घरों में सप्लाई होने वाली PNG 49.50 रुपए प्रति स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की दर से होती है। (पूरी खबर पढ़ें)
Source link
