खरखौदा एसडीएम को ज्ञापन देते हुए किसान।
सोनीपत जिले में भाकियू एकता सिद्धूपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एसडीएम खरखौदा से मुलाकात की और क्षेत्र के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में ब्लॉक प्रधान शक्ति दहिया, बारहा के प्रधान अतर सिंह दहिया और जि
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चर्चा के दौरान, किसानों ने धान और बाजरा की खरीद में देरी, पोर्टल पर पंजीकरण का सत्यापन, बिजली के बिलों में गड़बड़ी, पटवारी के अनुचित व्यवहार व रिश्वत मांगने के आरोप और पराली प्रबंधन जैसे ज्वलंत विषयों को उठाया। जिस पर एसडीएम ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
धान और बाजरा की खरीद शुरू नहीं
किसान नेता शक्ति दहिया ने कहा कि अभी तक खरखौदा अनाज मंडी में पीआर धान और बाजरा की खरीद शुरू नहीं हुई है। पीआर धान की खरीद के लिए मिलर्स अलॉट नहीं किए, जिससे खरीद प्रक्रिया में बड़ी बाधा आ रही है। इस पर एसडीएम ने आश्वस्त किया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात की है और सोमवार तक सभी समस्याओं का समाधान करके खरीद को सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
खरखौदा एसडीएम को ज्ञापन देते हुए प्रतिनिधिमंडल।
किसानों के रजिस्ट्रेशन वेरिफाई नहीं
किसान नेता कैप्टन बिजेंद्र दहिया ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या सामने रखीं। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा कराए गए रजिस्ट्रेशन को अब तक वेरिफाई नहीं किया गया है, जिसके चलते किसानों को गेट पास लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सत्यापन न होने से किसान अपनी उपज मंडी तक नहीं ला पा रहे हैं।
बिना रीडिंग लिए भेजें बिजली बिल
जिला प्रधान बेदी दहिया ने बिजली विभाग द्वारा अनियमित बिल भेजने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई गांव में रीडिंग लिए बिना ही अत्यधिक बिल भेजे गए हैं। ये बिल न केवल सामान्य से बहुत ज्यादा हैं, बल्कि 60 दिन की बजाय 79 दिन की अवधि के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी, कि यदि इन बिजली बिलों को तुरंत दुरुस्त नहीं किया गया, तो ग्रामीण कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
पटवारी के व्यवहार पर शिकायत
बारहा के प्रधान अत्तर सिंह दहिया ने एसडीएम का ध्यान बड़ा थाना गांव के पटवारी हरिओम के अनुचित व्यवहार की ओर खींचा। उन्होंने शिकायत की, कि पटवारी का व्यवहार किसानों के साथ ठीक नहीं है और वह किसानों से रिश्वत की मांग भी करता है। इस पर एसडीएम ने बताया कि उस पटवारी के खिलाफ पहले भी शिकायतें आ चुकी हैं और उन्होंने मौके पर ही उसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
पराली प्रबंधन और सरकारी सहायता की मांग
किसान नेता देशपाल दहिया ने पराली प्रबंधन के संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया। उन्होंने मांग की, कि पराली की व्यवस्था करने के लिए किसानों को बेलर, चॉपर, सुपर सीडर सहित अन्य आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही उन्होंने किसानों को धान पर बोनस दिए जाने की भी पुरजोर मांग की।
