गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र के भुईधरपुर की कलावती यादव (60) की सिर काटकर हत्या कर दी गई थी। घर से 500 मीटर दूर उनकी लाश मिली थी। 26 सितंबर की सुबह सड़क किनारे खेत में लाश देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस आरोपी क
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इस घटना का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की सर्विलांस, क्राइम ब्रांच, एंटी थेप्ट और थाने की टीम को लगाया गया है। भुईधरपुर गांव से सटे चौराहे पर पुलिस ने कैंप कार्यालय भी बनाया है। जहां पर एक-एक कर करीब 200 लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई। उनका बयान नोट किया गया। वहीं गांव के आस-पास के करीब 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए हैं। लेकिन अभी तक पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है।
सीसीटीवी कैमरे की जांच में भी कहीं भी गांव से बाहर जाते अभी तक कलावती देवी नहीं दिखी हैं। वहीं घटना वाले दिन कलावती की सिर कटी लाश के पास दो गड़ासी मिली थी। जिसे पुलिस ने परिवार वालों को दिखाया भी था। परिवार का कहना था कि वह दोनों ही गड़ासी कलावती की नहीं है। साथ ही उसमे धार भी नहीं थी कि गर्दन काटी जा सके।
अब पुलिस का मानना है कि कोई करीबी ही हत्या कर लाश फेका है। जैसा की लाश के पास एक लोहे का सामान मौत के बाद रखा जाता है। इस फार्मेल्टी को भी वही पूरा किया है। पुलिस अब दोनों गड़ासी की मदद से कातिल के करीब पहुंचने का दावा भी कर रही है। उसे पकड़ने से पहले मजबूत साक्ष्य जुटा रही है।
इसी जगह पर मिली थी सिर कटी लाश, अब इधर से जाने से लोग डर रहे हैं।
जहां मिली लाश, रात में उस रास्ते से नहीं गुजरता कोई
कलावती की सिर कटी लाश घर से 500 मीटर दूरी पर सड़क किनारे मिली थी। भुईधरपुर और अन्य गांव के लोग उस रास्ते से गुजरते हैं। इस घटना के बाद लोग उस रास्ते से गुजरने से डर रहे हैं। कई लोगों ने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए गाड़ी लगा दी है। रात के समय लोग रास्ता बदलकर गांव आ रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह निर्मम हत्या के बाद आत्मा भटकती है। वह बदला भी लेती है। इस वजह से लोग दहशत में हैं। दिन भर कलावती की ही चर्चा हो रही है। गांव का हर इंसान एक दूसरे को शक की नजर से भी देख रहा है।
बलि देने की आशंका पर तांत्रिकों से भी चल रही पूछताछ
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की गर्दन एक झटके में काटी गई है। नवरात्रि का समय बलि देने का अच्छा समय माना जाता है। पुलिस की भी शंका उसी तरफ गई। पुलिस ने तांत्रिकों के बारे में जानकारी जुटाई। तब पता चला कि गांव के आस-पास कुल 10 तांत्रिक हैं। वहीं महिला के गांव में ही 2 तांत्रिक हैं।
इसमे एक महिला का पटीदारी का भतीजा भी लगता है। जो भूत-प्रेत भगाने के लिए तंत्र-मंत्र करता है। पुलिस इसी एंगल पर जांच अपनी आगे बढ़ाई।
पुलिस का खोजी कुत्ता टोनी को कलावती के कपड़े सुंघाए गए थे। इसके बाद वह बार-बार कलावती के घर और आस-पास ही जा रहा था। इसलिए पुलिस ने भुईधरपुर के दोनों तांत्रिकों से पूछताछ शुरू की। उनकी कॉल डिटेल भी निकलवाई। लेकिन कोई घटना के 7 दिन बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। अब पुलिस ने 8 और तांत्रिकों के बारे में जानकारी जुटाकर उनसे भी पूछताछ की है।

कलावती की लाश देखने के लिए जुटे ग्रामीण
इसी बीच पुलिस ने बड़े जानकार विद्वानों से भी बलि के बारे में जानकारी ली है। इसमे पंडित राम दरश मिश्रा ने बताया- नवरात्रि और अमावस्या का समय बलि के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस समय बड़े-बड़े तांत्रिक सिद्धी पाने के लिए बलि देते हैं। लेकिन कमलावती के पति की मौत हो चुकी है। वह विधवा है। उन्होंने कहा कि कभी विधवा की बलि नहीं दी जाती है। विधवा को शुभ काम में भी आगे नहीं किया जाता है। इसलिए उन्होंने बलि की घटना से इन्कार कर दिया।
अब पुलिस के लिए इस घटना को खोलना बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पुलिस अब घरवालों के इर्द-गिर्द अपनी जांच शुरू कर दी है। 25 सितंबर को घर पर कलावती के साथ उसकी बहू उतरा देवी और बेटी थी।दोनों ही बता रहे हैं कि दोपहर 2 बजे कलावती दवा कराने पीपीगंज गई थी। देर रात तक जब वह वापस नहीं आई। तब उतरा देवी ने पूणे रहने वाले अपने पति राजेश को कॉल कर सारी बात बताई। राजेश ने कहा रात अधिक हो गई। सुबह उनकी तलाश कराई जाएगी। तभी सुबह कलावती की लाश मिल गई।
पुलिस ने करीब 4 घंटे तक कलावती की बहू उतरा देवी से पूछताछ की। उसका मोबाइल भी कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। सीडीआर भी निकलवाया गया। लेकिन कुछ भी ऐसा नहीं मिला, जिससे बहू की संलिप्तता मिले। इसी तरह बेटी से भी पूछताछ की गई।

कलावती की फाइल फोटो
पीपीगंज पुलिस को कलावती के शरीर पर नाक, कान और हाथ में सोने की ज्वेलरी सुरक्षित मिली थी। इससे यह भी अनुमान लगाया गया कि घटना चोर लुटेरे ने नहीं अंजाम दी है। वहीं पुलिस को कलावती की लाश के पास से एक हंसिया (गड़ासी) और खुरपी झोले में रखी मिली थी।
पुलिस वह झोला लेकर कलावती के घर गई थी। उसकी बहू और बेटे को झोले से निकालकर हंसिया और खुरपी दिखाई। तब घरवालों ने बताया- दोनों ही सामान कलावती का नहीं है। अब पुलिस हंसिया और खुरपी रखने वाले की तलाश कर रही है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से भी बातचीत की। इसमे यह पता चला कि एक झटके में सिर काटा गया है। कहीं और संघर्ष के निशान भी नहीं मिले है। डॉक्टरों ने बताया- ऐसा लग रहा है कि बेहोश करके गर्दन काटी गई है। तभी एक बराबर से गर्दन कटकर अलग हो गई है। वहीं पुलिस 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल चुकी है। अभी तक कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। ऐसे में अब इस घटना का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
अब विस्तार से जाने पूरा मामला
गोरखपुर में 26 सितंबर सुबह एक महिला की सिर कटी लाश मिली। उसका सिर धड़ से अलग पड़ा था। चेहरा जमीन में धंसा हुआ था। इससे उसकी पहचान भी नहीं हो रही थी। शव के पास से एक हंसिया भी पड़ी मिली। सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने लाश देखते ही पुलिस को सूचना दी।
घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस वालों ने महिला का सिर हेलमेट की तरह उठाया। तब जाकर गांव वालों ने महिला की पहचान की। उसके परिजनों को जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या ड्रोन से चोरी करने वालों ने की है। घटना पीपीगंज थाना क्षेत्र की है।

पुलिस ने शव को बॉडी बैग में भरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
घर से 500 मीटर दूरी पर मिली लाश मृतका की पहचान 60 वर्षीय कलावती यादव के रूप में हुई है। वह भुई धरपुर ग्राम पंचायत की रहने वाली थी। उनके पति दर्शन यादव की पहले ही मौत हो चुकी है। महिला के 2 बेटे और 1 बेटी है। बड़े बेटे राजेश की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे जितेंद्र की 4 दिसंबर को शादी होनी है। बेटी की भी शादी हो चुकी है। दोनों बेटे बाहर नौकरी करते हैं। कलावती का शव उनके घर से करीब 500 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला।

महिला की लाश मिलने की सूचना पर घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
दवा लेने के लिए घर से निकली थी महिला महिला की बहू उत्तरा देवी ने बताया-गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे वह दवा कराने घर से निकली थीं। उन्होंने कहा था कि भुई धरपुर के पास मंगरू चौराहे पर बंगाली डॉक्टर के पास जा रही हैं। बाद में पता चला कि वह पीपीगंज डॉक्टर के पास चली गईं, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटीं। इसके बाद खोजबीन की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह में 6 बजे कलावती की मौत की सूचना परिवार को मिली। उनकी लाश सड़क किनारे खेत में पाई गई।
महिला के छोटे बेटे जितेंद्र की शादी 4 दिसंबर को तय है और दिवाली पर पति और देवर घर आने की तैयारी कर रहे थे। घटना की जानकारी पाकर दोनों भाई पुणे और राजकोट से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं।

पुलिस टीम मौके पर हत्या की जांच में जुटी हुई है।
ग्रामीणों ने ड्रोन चोरों पर शक जताया शुरू में ग्रामीणों का कहना था कि महिला की हत्या दूसरी जगह पर करके यहां शव फेंका गया है। इस वारदात के पीछे ड्रोन वाले चोर गिरोह का हाथ हो सकता है। गांव में पिछले कुछ दिनों से ड्रोन उड़ने और चोरी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। रोज रात में हल्ला मचता है, लेकिन पुलिस अब तक किसी को पकड़ नहीं सकी है।
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