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फर्जी दिल्ली पुलिस अफसर ने किसान से लाखों रुपए ठगे: कहा-आपके खिलाफ FIR है, जज से सेंटिंग करनी पड़ेगी, हिसार में केस दर्ज – Hisar News

फर्जी दिल्ली पुलिस अफसर ने किसान से लाखों रुपए ठगे:  कहा-आपके खिलाफ FIR है, जज से सेंटिंग करनी पड़ेगी, हिसार में केस दर्ज – Hisar News


हरियाणा के हिसार में एक साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज हुआ है। दिल्ली पुलिस का फर्जी अधिकारी बनकर एफआईआर की धमकी देकर गांव धिकताना के किसान से 2 लाख 20 हजार रुपए ठग लिए। किसान ने कई किश्तों में नकली पुलिस अधिकारी को रुपए दिए। इतना ही नहीं रुपए खत्म होने प

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किसान ने तंग होकर जब अपने दोस्तों से इसके बारे में बात की तो वह समझ गए कि उसके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। इसके बाद किसान ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 4 अक्टूबर को दर्ज करवाई थी।

इसके बाद हिसार साइबर क्राइम थाना ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति पर बीएनएस की धारा 318(4) और 61 के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायत में किसान ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, कोर्ट में शिकायत का डर दिखाकर बार-बार रुपयों की डिमांड की और वह डर के मारे रुपए देता भी रहा।

जानिए पुलिस को दी शिकायत में किसान ने क्या कहा…

  • पुलिस वाले ने कहा-तुम डॉक्टर के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हो : किसान ने बताया कि मैं गांव धिकताना का रहने वाला हूं और खेती बाडी़ का काम करता हूं। मैं 5वीं कक्षा तक पढ़ा लिखा हूं। 9 सितंबर को शाम करीब 4 बजे मेरे पास मोबाइल नंबर फोन आया। फोन करने वाले ने अपने आपको दिल्ली पुलिस का अधिकारी जोगिंद्र बतलाया। उसने कहा कि तुमने डॉक्टर साहब से जो दवाई मंगवाई थी, तुम सोशल मीडिया पर उनका दुष्प्रचार क्यों कर रहे हो। मैंने उसे कहा कि मैने तो लगभग एक साल पहले दवाई मंगवाई थी। मैंने उनका किसी प्रकार का कोई दुष्प्रचार नहीं किया।
  • डॉक्टर ने केस किया है, रफा-दफा करना है तो पैसे भिजवा देना : इसके बाद उसने मुझे कहा कि तुम्हारे खिलाफ डॉक्टर साहब ने पुलिस में रिपोर्ट की है और हमने तुम्हारे ऊपर केस दर्ज कर दिया है। उसकी बात सुनकर मैं घबरा गया। मैने उससे पूछा कि इससे बचने के लिए मुझे क्या करना होगा तो उसने कहा कि डॉक्टर विक्रम चौहान का तुम्हारे पास वॉट्सऐप मैसेज आएगा। उनके कहे अनुसार तुम 19200 रुपए भिजवा देना। इससे तुम्हारा पीछा छूट जाएगा। फिर मेरे वॉट्सऐप नंबर मैसेज आया उसने अपने आपको डॉ. विक्रम चौहान बतलाया और ऑनलाइन रुपए डालने को कहा।
  • अगले दिन कहा कोर्ट में व्यक्ति खड़ा करना होगा : किसान ने बताया कि अगले दिन 10 सितंबर को करीब दोपहर 1 बजे मेरे पास फोन आया और कहा कि तुम्हारी जगह कोर्ट में और कोई व्यक्ति खड़ा करना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हे और खर्चा-पानी करना पड़ेगा और तुम्हे 28,000 रुपए और डालने पड़ेंगे। उसके कहे अनुसार गांव बहबलपुर में सीएससी सेंटर में जाकर गुगल पे में 28,000 रुपए डलवा दिए।
  • शाम को कहा जज ने पहचान लिया और रुपए देने होंगे : किसान ने बताया कि उसी दिन शाम को मेरे पास पुलिस अधिकारी जोगिंद्र का फोन आया और कहा कि तुम्हारी जगह जो व्यक्ति हमने कोर्ट में खड़ा किया था उसे जज साहब ने पहचान लिया है और इस पर उन्होंने मुझे भी झाड़ मारी है। जज साहब को भी खुश करना पडेगा। इसके लिए तुम 17,000 रुपए और डलवाओ। यदि जज साहब खुश नहीं हुए तो तुम और मैं दोनों मारे जाएंगे। मैं डर गया और उनके कहे अनुसार मैंने 10,000 रुपए और दूसरी बार में 7000 रुपए डाल दिए।
  • कहा, जज साहब को और रुपए देने पड़ेंगे : किसान ने कहा कि 12 सितंबर को मेरे पास फिर फोन आया और कहा कि जज साहब को और रुपए देने हैं नहीं तो तुम्हें पकड़ कर ले जाएंगे। इस पर मैंने मैंने पहली बार में 17,000 रुपए व दूसरी बार में 8300 रुपए डाल दिए। इसके बाद 14 सितंबर को उनका मेरे पास फोन आया उन्होंने मुझे डराकर 30,000 रुपए और मांगे। मैनें कहीं से रुपए उधार लेकर 20,000 रुपए व दूसरी बार में 9650 रुपए डाल दिए।
  • बार-बार डराकर रुपए मांगे : किसान ने बताया कि 16 सितंबर को उनका मेरे पास फोन आया। उन्होंने मुझे डराकर 20,000 रुपए और मांगें। इस पर मैंने 20,350 रुपए डाल दिए। 18 सितंबर को फोन आया और कहा कि तुम्हारा वारंट निकला हुआ है। मैं घबरा गया और मेरा पीछा छुड़वाने बारे में कहा। इस पर उसने मुझे खर्चा पानी देने बारे कहा। मैंने उसके कहे अनुसार 21,350 रुपए डाल दिए। फिर उन्होंने 25 सितंबर को 17500 रुपए, 28 सितंबर को 19500 रुपए और ठग लिए।
  • दोस्तों को बताया तो कहा-तेरे साथ फ्रॉड हुआ है : किसान ने बताया कि वह मुझे डरा धमकाकर लगातार रुपए मांगते रहे लेकिन मेरे पास रुपए खत्म हो गए। दोस्तों ने मुझे रुपए देने बंद कर दिए थे। 4 अक्टूबर को मैंने डरते-डरते इस बात का जिक्र दोस्तों से किया तो उन्होंने बताया कि यह सब बकवास की बात है। तुम्हारे साथ तो साइबर ठगी हो गई है। इसके बाद मैंने सीएससी सेंटर जाकर शिकायत दर्ज करवाई।



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