चेन्नई25 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश पुलिस ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
तमिलनाडु के चेन्नई में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने सोमवार को श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी से जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की। ये वही कंपनी है, जो जानलेवा कोल्ड्रिफ कफ सिरप बना रही थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में अब तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है।
ED अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि उनकी चेन्नई जोनल ऑफिस की कई टीमों ने कुछ सूचनाओं के आधार पर श्रीसन फार्मा के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल ऑफिस के सीनियर अधिकारियों के आवासों पर भी छापेमारी चल रही है।
केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के बाद की गई है जिनमें कहा गया था कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने में घटिया सामान का इस्तेमाल हुआ था, जिससे कई बच्चों की मौत हो गई। ED मिलावटी दवा बनाने और बिक्री से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आपराधिक आय का पता लगा रही है।
दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश पुलिस रविवार शाम मामले के मुख्य आरोपी और श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन (75 साल) को लेकर तमिलनाडु रवाना हो गई। उसे 9 अक्टूबर को चेन्नई के कोडम्बक्कम स्थित उसके अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था।
कोल्ड्रिफ की फैक्ट्री में 350 से ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं
तमिलनाडु सरकार की जांच कमेटी को कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स की फैक्ट्री में 350 से ज्यादा गड़बड़ियां मिली थीं। जिन्हें क्रिटिकल और मेजर श्रेणी में रखा गया था।
तमिलनाडु के ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने 7 अक्टूबर को सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सरकार ने पांच दिन के अंदर कंपनी से जवाब मांगा था।

तमिलनाडु में बनने वाली कोल्ड्रिफ सिरप में 48% जहर
कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं।
जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। इसमें पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप का यह बैच 48.6% w/v DEG से जहरीला और ‘Not of Standard Quality’ है। जबकि अन्य चार दवाओं (रेस्पोलाइट D, GL, ST और हेप्सैंडिन सिरप) को स्टैंडर्ड क्वालिटी का पाया गया।

सबसे पहले इन पर लगा था बैन
बच्चों की मौतों के बाद कोल्ड्रिफ बैच नंबर SR-13 और नेक्स्ट्रो-डीएस बैच नंबर AQD-2559 कफ सिरप को बैन कर दिया गया। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इंदौर की आर्क फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के सिरप ‘डिफ्रॉस्ट’ के बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश सरकार ने क्लोरफेनिरामाइन मलेट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलफ्रिन एचसीएल (Phenylephrine HCl) जैसे केमिकल के उपयोग को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।


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