‘शोएब ने बताया कि मैंने, मृतक राजकुमार से कैंटर गाड़ी खरीदी थी। जिसके करीब 45 हजार रुपए मुझ पर उधार थे। राजकुमार इन रुपए लेने को लेकर दबाव बना रहा था। मुख्य हत्यारोपी ने बताया कि पैसों के लेनदेन को लेकर मेरे और राजकुमार के बीच कुछ दिन पहले गाली गलौच ह
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उधार के पैसे मांगने पर की हत्या
थाना गागलहेड़ी पुलिस ने ड्राइवर राजकुमार की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने उसके तीन दोस्त शोएब, शमीम और दिलशाद उर्फ सोनू को अरेस्ट किया है। पुलिस आरोपियों के पास से मृतक के मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक, एक आधार कार्ड, एक जूता और लोहे का जैक बरामद किया गया है। मृतक की पत्नी सोनम ने 15 अक्टूबर को थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी।
तहरीर देकर बताया था कि 15 अक्टूबर को उसका पति राजकुमार नर्सरी के पेड़ लेकर पिकअप गाड़ी में पंजाब पटियाला जा रहे थे। तभी रास्ते में रास्ते में ही उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मृतक राजकुमार के दोस्त शोएब ने 45 हजार रुपए का उधार न देना पड़े। गाली-गलौच कर बदला लेने के लिए अपने दोस्तों के साथ उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
पैसों को लेकर बना रहा था दबाव
मुख्य आरोपी शोएब ने बताया कि उसने मृतक राजकुमार से लगभग 45 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद था। राजकुमार अपना पैसा वापस देने को लेकर दबाव बना रहा था। जिसको लेकर गाली-गलौच भी हो गई थी। जिससे शोएब को गुस्सा आ गया और राजकुमार से बदला लेना चाहता था। उसने अपने साथियों शमीम और दिलशाद के साथ मिलकर राजकुमार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
अंबाला रोड पर पीट-पीटकर की हत्या
शोएब ने बताया कि 16 अक्टूबर को भी मेरी, राजकुमार से फोन पर पैसों के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई थी। योजना बनाकर दोस्तों के साथ 16 अक्टूबर की रात को पटियाला से आ रहे राजकुमार की पिकअप गाड़ी को हरियाणा के कलानौर में रुकवाकर उसकी गाड़ी में बैठकर सहारनपुर की तरफ चल दिए। सरसावा जाने वाले रास्ते पर बने सागर रत्ना रिसोर्ट के पास आए और गाड़ी रुकवाकर राजकुमार के साथ मारपीट की।
शोएब ने राजकुमार की गाड़ी में रखे लोहे के जैक से राजकुमार के चेहरे, छाती और गर्दन पर वार किया। हमें लगा की वो मर गया है तो उसे मरा समझ कर सागर रत्ना रिसोर्ट के पास सड़क के किनारे फेंक दिया। उससे कुछ दूरी पर ही लोहे का जैक भी वहीं फेंक दिया था। उसके बाद हम तीनों गाड़ी पीकअप, मोबाइल और अन्य सामान को लेकर हम वहा से भाग गए थे।
पिकअप गाड़ी को हमने वर्कशाप टीपी नगर में खड़ा कर दिया था। बाद में हमें पता चला कि राजकुमार उस समय नहीं मरा था बल्कि उसको इलाज के दौरात अस्पताल में उसकी मौत हुई थी। हमें शक था कि अब पुलिस कार्रवाई होगी और हम पकडे़ जा सकते हैं, लिहाजा हम बचने के लिये उत्तराखंड जा रहे थे कि आपने हमें पकड़ लिया।
पढ़िए…पूरा वारदात
पुलिस ने लावारिस में कर दिया था अंतिम संस्कार
24 अक्टूबर को पीड़िता सोनम अपने परिजनों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाइन पहुंची थी। वहीं पर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। सोनम ने बताया था कि वो दो थानों के बीच चक्कर काटती रही। थाना नानौता और गागलहेड़ी पुलिस ने कोई सुध नहीं ली। वहीं थाना कुतुबशेर पुलिस को जब बॉडी मिली तो उसका पता भी नहीं दिया गया। आरोप था कि उसके पति का शव लावारिस में फूंक दिया था। उसे अपने पति की आखिरी बार शक्ल भी नहीं देखने को मिली।
