पहले यह तस्वीर देखिए… तस्वीर 2 अक्टूबर, 2025 की है। मेज पर 200 से ज्यादा देसी-विदेशी हथियार सजे हैं। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह विजयदशमी (दशहरा) पर शस्त्र पूजन कर रहे हैं। पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- सारे शस्त्र हमारे हैं। जो हमारा है, वो समर्थकों का है। जो समर्थकों का है, वो हमारा है। नियमों के मुताबिक कोई व्यक्ति अधिकतम 2 लाइसेंसी हथियार ही रख सकता है, बशर्ते उसकी आपराधिक छवि न हो। हालांकि, यूपी में 6 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें राजा भैया, धनंजय सिंह, बृजभूषण शरण सिंह जैसे बाहुबली नेता भी शामिल हैं। कई के पास तय सीमा से ज्यादा हथियार हैं। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शासन स्तर पर डेटा जुटाया जा रहा है कि मुकदमे होने के बाद भी लाइसेंस किस आधार पर जारी किए गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पत्नी का आरोप- राजा भैया के पास हथियारों का जखीरा राजा भैया पर के खिलाफ हत्या की कोशिश, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद भी उनके नाम पर 3 असलहे हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक, उनके पास एक पिस्टल, एक राइफल और एक बंदूक है। हालांकि, उनकी पत्नी भानवी सिंह ने सितंबर, 2025 में वीडियो जारी कर आरोप लगाए थे कि राजा भैया के पास अवैध हथियारों का जखीरा है। इसी तरह गोंडा की कैसरगंज सीट से सांसद रहे बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह के पास भी 3 असलहे हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक, उनके पास एक पिस्टल, एक राइफल और एक रिपीटर गन है। उनके खिलाफ टाडा समेत कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि, सभी मामलों में वे बरी हो चुके हैं। विधायक अब्बास अंसारी के पास 8 हथियार मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी अब्बास अंसारी पर हेट स्पीच, अधिकारियों को धमकी, मनी लॉन्ड्रिंग, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर समेत अलग-अलग धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद उनके पास एक समय 8 हथियार थे। इनमें डबल बैरल गन, राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल, और स्पोर्ट्स राइफल शामिल हैं। अब्बास के नेशनल लेवल शूटर (खिलाड़ी) होने की वजह से उन्हें लाइसेंस दिया गया था। आर्म्स एक्ट के तहत निशानेबाज को आसानी से लाइसेंस मिल जाता है। इसी आधार पर अब्बास ने 8 हथियार खरीदे, जिनमें प्रतिबंधित बोर के असलहे भी शामिल थे। अब्बास पर बिना सही परिमट के विदेश से हथियार और बैरल खरीदने का भी आरोप है। वे 2015 में शूटिंग छोड़ने के बाद भी हथियार खरीदते रहे। इसे लेकर 2019 में लखनऊ के महानगर थाने में केस दर्ज हुआ था। STF ने आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद से सभी हथियार पुलिस के कब्जे में हैं। हथियार रखने के क्या हैं नियम 2020 में आर्म्स एक्ट के नियमों में हुए बदलाव के बाद आम नागरिक एक लाइसेंस पर अधिकतम 2 हथियार रख सकता है। ये अलग-अलग तरह के भी हो सकते हैं। हालांकि, जिलाधिकारी से मंजूरी लेनी पड़ती है। अगर किसी के पास विरासत में मिले हथियार हैं, तो भी कुल संख्या 2 से ज्यादा नहीं हो सकती। अतिरिक्त हथियार सरेंडर करना पड़ता है। पहले एक लाइसेंस पर 3 हथियार रखे जा सकते थे। वहीं, नेशनल/इंटरनेशनल शूटर्स (खिलाड़ी) अलग-अलग लेवल के हिसाब से अधिकतम 12 हथियार रख सकते हैं। अगर कोई निशानेबाज किसी एक तरह का शूटिंग स्पोर्ट खेलता है, तो अधिकतम 8 हथियार (पहले 4 थे) रख सकता है। अगर 2 तरह के शूटिंग स्पोर्ट्स खेलता है तो अधिकतम 10 हथियार (पहले 7) और 2 से ज्यादा तरह के शूटिंग स्पोर्ट्स खेलता है, तो अधिकतम 12 हथियार रख सकता है (पहले 7 थे)। आपराधिक छवि के व्यक्ति को लाइसेंस नहीं मिलता यूपी के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह कहते हैं- ये भी सच है कि आमतौर पर जिसके पास लाइसेंसी असलहा होता है, उस पर हमले नहीं होते। जहां तक अपराधियों को लाइसेंस देने का सवाल है, तो इसके लिए थाने की रिपोर्ट जरूरी होती है। आमतौर पर अगर किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, तो उसे लाइसेंस नहीं मिलता। ज्यादातर केस में जिलाधिकारी थाने की रिपोर्ट के खिलाफ लाइसेंस जारी नहीं करते। इसकी वजह यह है कि लाइसेंसी हथियार से कोई बड़ी वारदात हुई, तो डीएम के फंसने की आशंका रहती है। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी कैसे मिले लाइसेंस? अपराधियों को लाइसेंस मिलने पर सुलखान सिंह कहते हैं- मुमकिन है कि लाइसेंस मुदकमा दर्ज होने के पहले मिल गया हो। जिलाधिकारी अपने विवेक से थाने की रिपोर्ट नजरअंदाज करके भी लाइसेंस दे सकते हैं। मुकदमा दर्ज होने पर लाइसेंस जारी न करने का कोई नियम नहीं है, बशर्ते व्यक्ति सजायाफ्ता न हो। कैसे मिलता है लाइसेंस? यूपी में हथियार का लाइसेंस लेने के लिए आत्मरक्षा या खेल (शूटिंग) के आधार पर अप्लाई किया जाता है। ALIS पोर्टल पर ऑनलाइन या डीएम/कमिश्नर ऑफिस में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आईडी प्रूफ, ऐड्रस प्रूफ, एज सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, फिजिकल/मेंटल फिटनेस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। हथियार लेने की वजह भी बतानी होती है। उम्र कम से कम 21 साल होनी जरूरी है। फॉर्म जमा होने के बाद पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) बैकग्राउंड जांचती है। पुलिस रिपोर्ट सही पाए जाने पर आपको डीएम इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। स्वीकृति मिलने पर लाइसेंस जारी किया जाता है। लाइसेंस 5 साल के लिए मिलता है। इसके बाद रिन्यू कराना होता है। हथियार के प्रकार (जैसे- रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक) के आधार पर फीस जमा करनी होती है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में बिजली संकट से आक्रोश, भाजपा विधायक सहमे, ऊर्जा मंत्री को चिट्ठियां लिख रहे, एक्शन में योगी यूपी में एक तरफ पारा रोज नए रिकॉर्ड छू रहा है, वहीं शहर से लेकर गांव तक ‘पावर कट’ से जनता में हाहाकार है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने 30 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली सप्लाई करके रिकॉर्ड बनाया। लेकिन, लोगों की जरूरत भर की बिजली नहीं दे पा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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