सुलतानपुर4 मिनट पहले
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सुल्तानपुर के बिरसिंहपुर स्थित सौ बेड अस्पताल के सीएमएस डॉ. भास्कर के सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए गए विवादित बयान के मामले में शासन ने संज्ञान लिया है। अयोध्या मंडल के एडी स्वास्थ्य डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान को जांच के निर्देश दिए गए थे। रविवार को एडी स्वास्थ्य ने अस्पताल पहुंचकर मामले की गहन जांच की।
जांच के दौरान, एडी स्वास्थ्य डॉ. चौहान ने इमरजेंसी वार्ड सहित अस्पताल के अन्य विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से भी बातचीत की। एक मरीज शिवराज ने बताया कि उसे एक दवा बाहर से खरीदनी पड़ी थी। निरीक्षण के समय, इमरजेंसी वार्ड के बाहर डस्टबिन में गंदगी देखकर एडी स्वास्थ्य ने नाराजगी व्यक्त की और सीएमएस को फटकार लगाई।
इसके बाद उन्होंने स्ट्रेमी वार्ड में ईसीजी मशीन की भी जांच की। एडी स्वास्थ्य डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान करीब तीन घंटे तक सीएमएस कक्ष में बैठकर जांच और आवश्यक कार्यवाही करते रहे। अस्पताल से बाहर निकलते समय जब पत्रकारों ने कार्रवाई के संबंध में पूछा, तो उन्होंने केवल “नो कमेंट्स” कहकर जवाब देने से इनकार कर दिया। यह विवाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे के नेतृत्व में बिरसिंहपुर अस्पताल में चल रहे तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था।
धरने के दूसरे दिन, सीएमएस डॉ. भास्कर ने प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इसी बातचीत के दौरान, प्रदेश प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सीएमएस और सीएमओ की अर्थी निकाली जाएगी। इस पर सीएमएस ने जवाब दिया, “मेरी और सीएमओ की अर्थी क्यों निकालोगे, सरकार और योगी की निकालो। “सीएमएस के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने अयोध्या के एडी स्वास्थ्य से बात कर सीएमएस पर कार्यवाही की मांग की। वहीं, राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया, जिससे मामला और गरमा गया। शासन के निर्देश पर हुई जांच के दौरान, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एडी स्वास्थ्य से मिलकर ज्ञापन देने के लिए देर शाम तक अस्पताल में डटे रहे, हालांकि अधिकारी उनसे मिले बिना ही अस्पताल से रवाना हो गए।
