प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में NDA द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। जहां BJP और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को भावनात्मक रंग देकर जनता के बीच ले जा रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत
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विधायक संजय तिवारी ने कहा कि, BJP नेताओं का दोहरा चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दूसरों की माताओं और बहनों को ‘बार बाला’ और ‘जर्सी गाय’ जैसे शब्दों से अपमानित किया गया था, तब BJP नेताओं को कोई आपत्ति नहीं हुई। लेकिन अब जब खुद के खिलाफ कुछ कहा गया, तो अचानक संवेदनशीलता दिखाते हुए वे सहानुभूति की राजनीति करने लगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर वह व्यक्ति कौन है जिसने अमर्यादित टिप्पणी की और उसका भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान से क्या संबंध है, यह जनता को बताया जाए।
‘NDA नेताओं के पास गंभीर मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं’
कांग्रेस विधायक ने कहा कि NDA नेताओं के पास गंभीर मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे जनता का ध्यान भटकाने के लिए मां के नाम पर भावनात्मक ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा SIR जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर जवाब देने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। ऐसे में वे बिहार बंद का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
जनता की भावनाओं से खेलने में रुचि
उन्होंने सवाल उठाया कि जब BJP खुद केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों में है, तो बंद का ऐलान कर वे आखिर सवाल किससे कर रहे हैं? यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उन्हें शासन की जिम्मेदारी निभाने से ज्यादा राजनीति करने और जनता की भावनाओं से खेलने में रुचि है। संजय तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति में व्यक्तिगत हमलों की कोई जगह नहीं है। उनकी पार्टी राजनीतिक मुद्दों पर बहस करती है, न कि मां-बहनों को गाली देने जैसी संस्कृति को बढ़ावा देती है।
जनता खुद भाजपा नेताओं को सबक सिखा रही
संजय तिवारी ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अब जनता खुद भाजपा नेताओं को सबक सिखा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके नेता पहले ही कह चुके हैं कि आने वाले समय में भाजपा नेताओं को जनता सड़कों पर दौड़ाएगी और यह आज सच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री तक अपने ही क्षेत्र में जनता के गुस्से का शिकार हो रहे हैं, वहीं कई विधायक कान पकड़कर उठक-बैठक करने को मजबूर हैं।
बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत हमलों और भावनात्मक मुद्दों के इर्द-गिर्द सियासत ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस विधायक संजय तिवारी का यह बयान न केवल NDA पर सीधा वार है, बल्कि आने वाले दिनों में सूबे की राजनीति को और ज्यादा गरमा देने वाला साबित हो सकता है।
