जींद का एकलव्य स्टेडियम, जो साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 12 करोड़ रुपए की लागत से 20 एकड़ भूमि पर निर्मित हुआ था, आज बदहाली का शिकार है।
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स्टेडियम की जर्जर हालत के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बास्केटबॉल कोर्ट की है, जहां बास्केटबॉल का पोल अत्यंत खराब स्थिति में है।
टूटा पड़ा बास्केटबॉल का पोल
प्रदेश में दो खिलाड़ियों की मौत हो चुकी
इस समस्या ने प्रदेश भर के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक और बहादुरगढ़ में अमन की अभ्यास के दौरान हुई मौन ने खेल विभाग के विकास कार्यों की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, जींद ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में कई स्टेडियम आज जर्जर हालत में हैं।
स्थानीय स्तर पर, अधिकारियों द्वारा अब स्थिति को सुधारने की कोशिशें की जा रही हैं। फुटबॉल कोच ने बताया कि बास्केटबॉल कोर्ट को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। हालांकि, एक अन्य अधिकारी अनिल ने बताया कि जींद जिले में बास्केटबॉल के प्रशिक्षण के लिए केवल दो ही कोच उपलब्ध हैं, जो संसाधनों की गंभीर कमी को दर्शाता है।

कोर्ट के फर्श काम करते हुए मिस्त्री।
अनिल ने खिलाड़ियों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आस-पास खिलाड़ियों के मैदान या स्टेडियम में कोई खामी है, तो अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने इसे सभी का नैतिक कर्तव्य बताया।
इस बीच, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद निर्मित हुई सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य के युवा बिना किसी जोखिम के खेल अभ्यास जारी रख सकें।
