मुख्य बातें

पैरोल में मर्डर, जेल से वसूली, कौन हैं किलर ब्रदर्स: सलीम-रुस्तम तिहाड़ में, ऐप बाइक चलाकर गुजारा कर रहा सोहराब कोलकाता से अरेस्ट

पैरोल में मर्डर, जेल से वसूली, कौन हैं किलर ब्रदर्स:  सलीम-रुस्तम तिहाड़ में, ऐप बाइक चलाकर गुजारा कर रहा सोहराब कोलकाता से अरेस्ट


‘2005 की बात है। ईद की तैयारी चल रही थी। एक दिन पहले चांद रात को किलर ब्रदर्स ने लखनऊ SSP को फोन करके कहा कि मर्डर करने जा रहे हैं, दम हो तो रोक लो। इसके बाद एक घंटे के अंदर तीन मर्डर किए। पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई।’

.

लखनऊ में 25 साल से क्राइम रिपोर्टिंग कर रहे संतोष शर्मा को ‘किलर ब्रदर्स’ का एक-एक किस्सा याद है। किलर ब्रदर्स यानी सलीम, रुस्तम और सोहराब। तीनों फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं।

सबसे छोटा भाई सोहराब इसी साल जून में पैरोल मिलने के बाद फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 नवंबर को उसे कोलकाता के रिपन स्ट्रीट इलाके से गिरफ्तार कर लिया। सोहराब पर मर्डर और रंगदारी के 30 से ज्यादा केस हैं। उसके फरार होने से किलर ब्रदर्स फिर चर्चा में आ गए।

सोहराब की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही संतोष शर्मा को उसके पुराने किस्से याद आ गए। कभी माफिया मुख्तार अंसारी के खास रहे सीरियल किलर सोहराब और उसके गैंग की क्या कहानी है, इस पर हमने संतोष शर्मा और केस से जुड़े अधिकारी से बात की।

पत्नी बीमार थी, 3 दिन की पैरोल मिली, फिर जेल नहीं लौटा सोहराब जून में 3 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। उसकी पत्नी बीमार थी। वो पत्नी से मिलने लखनऊ गया। 10 जून को वापस जेल में रिपोर्ट करना था, लेकिन वो नहीं पहुंचा। सोहराब को खोजने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूपी STF से मदद मांगी।

स्पेशल सेल की टीम ने तीन राज्यों में छापेमारी की। इस टीम को इनवेस्टिगेशन ऑफिसर अंकित लीड कर रहे थे। हमने उनसे बात की। उन्होंने स्पेशल सेल के DCP अलाप पटेल से बात करने के लिए कहा।

DCP अलाप पटेल बताते हैं, ‘सोहराब को पकड़ने के लिए टीम ने पूर्वी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल बॉर्डर तक जाल बिछाया। आखिर में उसे कोलकाता से दबोच लिया।’

अलाप पटेल आगे बताते हैं, ‘कोलकाता में सोहराब के पास पैसे नहीं थे। इसलिए वो अपने गहने बेचने लगा। इसके बाद ऐप-बेस्ड बाइक टैक्सी चलाकर गुजारा कर रहा था। सोहराब को अरेस्ट करने में कोलकाता पुलिस ने भी मदद की। उसे कोलकाता कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है।’

‘सोहराब की लंबी क्रिमिनल हिस्ट्री रही है। जेल में रहते हुए भी वो वसूली के लिए कॉल करता था। 2011 में दिल्ली में एक ज्वेलरी शोरूम में लूट और हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। इसी वजह से तिहाड़ में बंद था।’

क्राइम हिस्ट्री की शुरुआत 2004 की चांद रात, छोटे भाई की हत्या सोहराब और उसके भाइयों सलीम, रुस्तम के अपराधों की कहानी 2004 से शुरू होती है। क्राइम रिपोर्टर संतोष शर्मा शुरुआत से तीनों भाइयों के बारे में खबरें लिखते रहे हैं।

संतोष बताते हैं, ‘किलर ब्रदर्स असल में चार भाई थे। सबसे बड़ा सलीम, फिर रुस्तम, सोहराब और सबसे छोटा जावेद था। कुरैशी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाला इनका परिवार लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र की लकड़मंडी में रहता है।’

‘अब्बू की मौत के बाद चारों भाई छोटे-मोटे काम करने लगे। कुरैशी समुदाय कसाई का काम करता है, लेकिन चारों भाई इससे दूर ही रहे। चारों गुंडागर्दी करते थे, लेकिन उनका क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था। 2004 में ईद से एक दिन पहले सब कुछ बदल गया।’

संतोष शर्मा आगे बताते हैं, ‘चांद रात को मोहल्ले में क्रिकेट खेलने के दौरान जावेद का रिश्तेदारों से झगड़ा हो गया। उन्होंने चाकू घोंपकर जावेद की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों भाइयों ने बदला लेने की कसम खा ली।’

SSP को फोन कर चैलेंज किया, एक घंटे में तीन मर्डर संतोष शर्मा बताते हैं, ‘तीनों भाइयों ने जावेद की हत्या के एक साल बाद बदला लेने की तारीख तय की। ईद से एक दिन पहले चांद रात पर तीनों भाइयों ने लखनऊ के मड़ियांव, खद्रा और हुसैनगंज में एक घंटे के अंदर तीन मर्डर किए।’

‘उस वक्त लखनऊ के SSP आशुतोष पांडेय थे। तीनों भाइयों ने SSP को फोन करके कहा कि हम मर्डर करने जा रहे हैं, दम हो तो रोक लो। इसी के बाद तीनों भाइयों को किलर ब्रदर्स कहा जाने लगा।’

पैरोल पर बाहर आकर मर्डर, जेल से वसूली संतोष शर्मा बताते हैं ‘तीन मर्डर के बाद लखनऊ पुलिस और यूपी STF ने किलर ब्रदर्स की तलाश में छापेमारी शुरू की। तीनों को अरेस्ट कर लिया। 2007 में बड़ा भाई सलीम पेशी के दौरान भाग गया। हालांकि बाद में उसे फिर पकड़ लिया गया।’

‘फरार होने के डर से तीनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई जाने लगी। जेल में रहते हुए तीनों भाइयों ने अपना गैंग बना लिया। लूट और रंगदारी मांगने में उनका नाम आने लगा। 2009 में यूपी में बसपा की सरकार थी। तभी समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी सैफी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में भी किलर ब्रदर्स का नाम आया।’

QuoteImage

सैफी को पुलिस का करीबी माना जाता था। उसकी हत्या पूर्व मंत्री रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाने के आरोपी और बसपा नेता इंतजार अहमद आब्दी उर्फ बॉबी के कहने पर की गई थी।

QuoteImage

संतोष शर्मा बताते हैं, ‘तीनों भाई तब पैरोल पर बाहर थे। सैफी और बॉबी के बीच रंजिश थी। इसी विवाद में तीनों ने सैफी को मार डाला। जांच में भी ये बात साबित हुई।’

पैरोल पर रहते दूसरा मर्डर, दिल्ली में ज्वेलरी शॉप मालिक की हत्या संतोष शर्मा बताते हैं, ‘2009 में किलर ब्रदर्स मुख्तार अंसारी के करीब आए। जेल में बंद रहते हुए वे मुख्तार अंसारी के गुर्गों से मिले थे। इसके बाद तीनों मुख्तार अंसारी का नाम लेकर उगाही करने लगे।’

‘2011 में तीनों पैरोल पर बाहर आए। उसी दौरान दिल्ली के कृष्णा नगर में गंभीर ज्वैलर्स पर लूट की। गहने लूटने के बाद मालिक गौरव गंभीर की हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने 19 मई 2011 को शूटआउट के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले में तीनों तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं।’

कारोबारियों से रंगदारी, सुपारी किलिंग संतोष बताते हैं, ‘किलर ब्रदर्स का कारोबार लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, बाराबंकी और हरदोई तक फैला था। ये लोग मिठाई वाले, ज्वेलर्स और मटका कारोबारियों से रंगदारी वसूलते थे। लखनऊ में कोई मिठाई वाला नहीं बचा होगा, जिससे इन्होंने वसूली न की हो। किलर ब्रदर्स ने जेल में रहते हुए बाहर शूटर रखे थे। इनका मुख्य शूटर सुनील शर्मा और उसका भाई विक्की थे।’

वसूली रोकी तो BJP नेता दिनदहाड़े मरवाया 2014 में सपा सरकार के दौरान अमीनाबाद में BJP सभासद पप्पू पांडे की हत्या कर दी गई थी। इसमें भी किलर ब्रदर्स का नाम आया। संतोष बताते हैं, ‘पप्पू पांडे अपने इलाके में इनकी वसूली रोक रहे थे। सलीम गैंग के शूटर ने उन्हें दिनदहाड़े गोली मार दी। शूटर मौके से पकड़ा गया। उसी साल रंगदारी न देने पर क्रॉकरी कारोबारी अमित गुप्ता की हत्या कर दी गई। किलर ब्रदर्स ने ये काम जेल में रहते हुए कराया था।’

2016 में सांसद के पोते मोहम्मद जैद की हत्या 6 जून, 2016 को लखनऊ के बाजार काला इलाके में संभल के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के पोते मोहम्मद जैद शकील की हत्या कर दी गई। 26 साल के जैद शकील प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। उन्हें बाइक सवार दो युवकों ने गोली मारी थी।

लखनऊ के एक पत्रकार पहचान जाहिर न करते हुए बताते हैं कि सलीम को शक था कि उसकी पत्नी के साथ जैद के रिश्ते हैं। सलीम ने जेल से जैद के पास मैसेज भी भिजवाया था कि वो परिवार से दूर रहे। इसके बाद जैद की हत्या करा दी गई। इस घटना के बाद सलीम और उसकी पत्नी के बीच तल्खी बढ़ी और तलाक हो गया।’

‘किलर ब्रदर्स के गैंग को 2017 में बड़ा झटका लगा, जब उनका मेन शूटर सुनील शर्मा लखनऊ के गोमतीनगर में हुए एनकाउंटर में मारा गया। सुनील बिहार के सीवान का रहने वाला था। उसकी मौत से इनका रंगदारी का नेटवर्क खत्म हो गया। उसके बाद सुनील का भाई विक्की और फरहान, रवि गौतम जैसे गुर्गे पकड़े गए।’

2019 से 2022 के बीच STF ने सलीम गैंग के कई बदमाशों को अरेस्ट कर लिया। इससे गैंग कमजोर हो गया।

2019 से 2022 के बीच STF ने सलीम गैंग के कई बदमाशों को अरेस्ट कर लिया। इससे गैंग कमजोर हो गया।

मर्डर का पैटर्न- 8 से 10 गोलियां मारना, गवाह न बचे, हथियार न छूटे तीनों भाइयों की क्राइम हिस्ट्री दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पास है। इसे जानने के लिए हम सादिक नगर में बने थाने में एक सब इंस्पेक्टर से मिले। यही तीनों भाइयों के केस देखते रहे हैं। वे कहते हैं कि केस पुराने हैं, इसलिए आधिकारिक बयान नहीं दे सकता। ये तीनों खुद शूटर थे। पैरोल पर बाहर आते, तो खुद हत्या करते थे।

ये लोग 9mm की पिस्तौल से ही मर्डर करते थे। एक साथ 8-10 गोलियां चलाते, ताकि लोगों में इनका खौफ बने। पुलिस ने बचने के लिए इनके तीन तरीके थे। पहला कि हथियार मौके पर न छूटे ताकि फिंगरप्रिंट न मिलें। दूसरा कोई गवाह न बचे और तीसरा कि मौके पर न पकड़े जाएं। इनका खौफ इतना था कि गवाह डर जाते थे। ये ऐसे हत्या करते थे कि लोगों को पता चले कि किलर ब्रदर्स का काम है।

अधिकारी के मुताबिक इनका एनकाउंटर शुरुआत में ही हो जाता, लेकिन ये बचने के लिए एक शख्स को साथ में रखते थे। पुलिस इन्हें उठाती थी, तो वो शख्स मीडिया वालों को मैसेज भेज देता था कि एनकाउंटर के लिए उठाया है। हालांकि अब इन्हें एनकाउंटर का डर है।

सलीम और रुस्तम ने 2018 में दिल्ली के मंडोली जेल से ही वीडियो बनाया था। इसमें रुस्तम ने दावा किया था कि यूपी STF फेक एनकाउंटर करना चाहती है। हम शराफत की जिंदगी जीना चाहते हैं। हमें एक मौका और दिया जाए। 2019 में तीनों भाई दिल्ली के मंडोली जेल में थे। तब इन्होंने जेल में पार्टी करते हुए एक वीडियो बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

सलीम और और उसके साथियों का ये वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सभी चाय बनाते और हंसी-मजाक करते दिख रहे थे।

सलीम और और उसके साथियों का ये वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सभी चाय बनाते और हंसी-मजाक करते दिख रहे थे।

इस वीडियो के सामने आने के बाद DIG लेवल की जांच बैठी थी। जांच में पाया गया कि मंडोली जेल के चार अधिकारियों ने किलर ब्रदर्स से पैसे लेकर इन्हें सुविधाएं दी थीं। इसमें मोबाइल फोन से लेकर, पर्सनल गैस चूल्हा और खाने का सामान शामिल था। जांच के बाद दोषी पाए गए चारों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था।

……………………………

ये खबर भी पढ़ें क्या RSS कार्यकर्ता के बेटे की हत्या इंटरनेशनल साजिश, पाकिस्तान से कनेक्शन

पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले RSS कार्यकर्ता बलदेव अरोड़ा बेटे नवीन की मौत के गम से उबर नहीं पा रहे हैं। 15 नवंबर की शाम 38 साल के नवीन बच्चों को स्कूल से लाने जा रहे थे, तभी दो बाइक सवारों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। पुलिस के मुताबिक, जांच में लूटमार, फिरौती या आपसी रंजिश का कोई एंगल सामने नहीं आया है। हत्या के तार पाकिस्तान से भी जुड़ते दिख रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *