डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने अमीरा मेहरा के आइडिया की तारीफ की।
अमृतसर की एक युवा लड़की ने बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए मानवता की मिसाल पेश की है। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने शुक्रवार को बताया कि यह गर्व की बात है कि आज का नौजवान वर्ग समाज सेवा के लिए खुद आगे आ रहा है और आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास
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दरअसल, अमृतसर की रहने वाली मिस अमीरा मेहरा ने अपने माता-पिता श्री राघव मेहरा और श्रीमती गरिमा मेहरा के साथ डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात की और अपना अनोखा प्रोजेक्ट “बसेरा” साझा किया। अमीरा ने कहा कि इस विचार की प्रेरणा उन्हें उस समय मिली जब उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाके रामदास में तबाही को अपनी आंखों से देखा।
उन्होंने बताया कि किस तरह परिवार पानी में डूब गए, घर टूटकर मलबे में बदल गए, पशुधन बह गया और बर्तन मिट्टी से भर गए। प्रभावित परिवारों के पास न तो खाना था और न ही सिर छुपाने की जगह। इसी पीड़ा को देखकर अमीरा ने ठाना कि केवल तात्कालिक राहत काफी नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को लंबे समय तक सुरक्षित आवास की जरूरत है।
उन्होंने निर्णय लिया कि 40 फुट लंबे कंटेनरों से स्थायी घर बनाए जाएंगे, जिनमें एक परिवार आराम से रह सकेगा। प्रत्येक यूनिट में रसोईघर और शौचालय की सुविधा होगी ताकि बुनियादी जरूरतें पूरी की जा सकें। साथ ही इन घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे ताकि पीड़ित परिवारों को बिजली की निरंतर सुविधा मिल सके।
पहला कंटेनर 15 सितंबर तक आ जाएगा-अमीरा अमीरा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का पहला कंटेनर 15 सितंबर तक आ जाएगा और जिला प्रशासन के सहयोग से इसे प्रभावित क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। धीरे-धीरे एक-एक कर और घर बनाए जाएंगे ताकि बेघर परिवारों को दोबारा अपनेपन और सुरक्षा का अहसास हो सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का पूरा खर्चा वह स्वयं उठाएंगी और भविष्य में अन्य संस्थाओं की मदद लेकर इसे और बड़ा रूप देंगी। डिप्टी कमिश्नर ने अमीरा की इस पहल को बेहद सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे युवा ही समाज में नई सोच और बदलाव लाने की ताकत रखते हैं।
