छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरकारी स्कूलों में अब विज्ञान क्लब बनाए जाएंगे, जहां बच्चों को विज्ञान संबंधी व्यावहारिक ज्ञान और अवसर मिलेंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भार
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एमओयू के दौरान सीएम साय मौजूद रहे।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक करियर विकल्पों से अवगत कराना है। कार्यक्रम में रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह मौजूद रहे। समझौते पर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय और विज्ञान भारती के राष्ट्रीय महासचिव की ओर से वराप्रसाद कोल्ला ने हस्ताक्षर किए।

जिले के 101 स्कूलों में क्लब का निर्माण होगा।
101 स्कूलों में होगा प्रयोग
जिले के 101 स्कूलों में विभा साइंस क्लब, छात्र मंच, अटल टिंकरिंग लैब और विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी गतिविधियां शुरू होंगी। छात्रों को प्रयोग, व्याख्यान, प्रयोगशालाओं और उद्योगों के शैक्षणिक भ्रमण, और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। वहीं, विज्ञान भारती की ओर से शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रशिक्षण और विज्ञान-आधारित गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके तहत बच्चों को प्रयोगधर्मी शिक्षा, नवाचार और विज्ञान के प्रति गहरी समझ विकसित करने का मौका मिलेगा।

जिले के 101 स्कूलों में क्लब का निर्माण होगा।
नई पीढ़ी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ बढ़ेगी आगे
एमओयू के बाद जिले के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि यह पहल “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम है। इससे नई पीढ़ी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी और भविष्य में देश को नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत करेगी।
