‘ईरान-अजरबैजान बॉर्डर पर फंसे, धमाकों में रात काटनी मुश्किल‘: इंडियन स्टूडेंट्स बोले- 1.5 लाख का टिकिट बेकार, नया लेने के पैसे नहीं
‘जंग के बीच गुजरता हर दिन पहले से ज्यादा भारी है। न चैन से सो पा रहे हैं, न जी पा रहे हैं। हमें तो रोज के खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हमारी मेंटल हेल्थ दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है। अब बिल्कुल लाचार महसूस कर रहे हैं। ये भी…
