झरिया के सुदामडीह थाना क्षेत्र के दामोदर नदी में बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, दामोदर नदी के बाई क्वार्टर स्थित छठ घाट पर पूजा की डाली लेकर स्नान करने गईं पांच बच्चियां अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं।
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बच्चियों के बहने की खबर मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया।
बच्चियों की तलाशी के दौरान नदी किनारे मौजूद लोग
तीन बच्चियां सुरक्षित निकाली गई
घटना के दौरान आसपास मौजूद स्थानीय लोग और मछुआरे तुरंत नदी में कूद पड़े। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बाकी दो बच्चियां तेज बहाव में बह गईं।
सूचना पाकर पुलिस और गोताखोर भी मौके पर पहुंचे और तलाश अभियान शुरू किया गया। खोजबीन के दौरान रुक्मणी कुमारी (12 वर्ष) का शव बिरसा पुल के पास से बरामद हुआ। वहीं, दूसरी बच्ची संध्या कुमारी अब तक लापता है, जिसकी तलाश के लिए गोताखोर लगातार अभियान चला रहे हैं।
नदी किनारे जुटी भीड़, दहाड़ मारकर रोते परिजन
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नदी किनारे जमा हो गए। घाट पर मातम का माहौल छा गया। परिजनों की स्थिति बेहद दयनीय है। रुक्मणी की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
वहीं, लापता संध्या कुमारी की सकुशल वापसी की उम्मीद में लोग प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस लगातार खोज अभियान की निगरानी कर रही है और प्रशासन बचाव दल की मदद से बच्ची को ढूंढने की कोशिश में जुटा है।

घटना के बाद रोते बिलखते परिजन
गहरे पानी में अचानक फंस गईं बच्चियां
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सभी बच्चियां पूजा की डाली लेकर स्नान करने नदी में उतरी थीं। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी में चली गईं और बहाव तेज होने के कारण खुद को संभाल नहीं सकीं। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि करमा पूजा जैसे अवसरों पर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को टाला जा सके।
