24 से 26 अगस्त की भारी बारिश से चंबा-भरमौर सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद पैदल चलते हुए लोग।
हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर भागों में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 6 दिन तक बारिश से राहत के आसार नहीं है। आज भी ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में बारिश का यलो अलर्ट है।
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वहीं चंबा जिला के भरमौर में फंसे 3 हजार मणिमहेश यात्रियों को आज सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलेगा। भारी बारिश से सड़कें टूटने की वजह से श्रद्धालु भरमौर में अलग-अलग जगह फंसे हुए हैं। सरकार का दावा है कि सभी सुरक्षित हैं।
भरमौर में 4 दिन से मोबाइल कनेक्टिविटी बंद है। इससे श्रद्धालुओं के परिजन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और नुकसान की सही जानकारी दो से तीन दिन देरी से मिल पा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते सप्ताह की भारी बारिश के बाद हड़सर से ऊपर लैंडस्लाइड से 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 8 श्रद्धालु घायल और 9 लापता बताए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि मणिमहेश में फंसे 10 हजार में से 7 हजार श्रद्धालुओं को वापस घरों को भेज दिया गया है।
कुल्लू-मनाली में पेट्रोल-डीजल की कमी होने लगी वहीं कुल्लू मनाली में पेट्रोल डीजल की कमी होने लगी है। कुल्लू में चार दिन से दूध, दही, ब्रेड, मक्खन व सब्जियों की सप्लाई भी नहीं पहुंच पाई। सड़क व रास्तों की स्थिति देखते हुए मनाली और कुल्लू सब डिवीजन में 9 स्कूल आज भी बंद रहेंगे। साथ ही मंडी के गोहर डिवीजन के शिक्षण संस्थानों में भी छुट्टी घोषित करदी गई है।
कुल्लू-मनाली और लाहौल स्पीति में 1500 टूरिस्ट फंसे कुल्लू, मनाली और लाहौल स्पीति में भी 1500 से अधिक टूरिस्ट फंसे हुए हैं। सड़कें बंद होने से टूरिस्ट घरों को वापस नहीं लौट पा रहे।
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