कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
एमबीएम विश्वविद्यालय में चेनाब रेल पुल और अंजी खड्ड पुल पर व्याख्यान आयोजन किया गया। इसमें बोले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चेनाब रेल पुल और अंजी खड्ड पुल भारत की इंजीनियरिंग क्षमता के प्रतीक हैं। आर्च डिजाइन मे
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शनिवार को एमबीएम विश्वविद्यालय में चेनाब रेल पुल और अंजी खड्ड पुल पर आयोजित व्याख्यान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चेनाब रेल पुल का निर्माण 2000 के दशक में शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा कारणों से रोका गया। बाद में इसे मजबूत डिजाइन और आधुनिक तकनीक से फिर शुरू किया गया। करीब 1,486 करोड़ की लागत से बने इस पुल का निर्माण अगस्त 2022 में पूरा हुआ और सुरक्षा परीक्षणों के बाद इसे 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि 1,315 मीटर लंबा और 359 मीटर ऊंचा यह पुल आज दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है। यह भूकंप, भूस्खलन और 266 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं को सहन करने में सक्षम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते शेखावत।
331 मीटर ऊंचा और 750 मीटर लंबा पूल
शेखावत ने कहा कि अंजी खड्ड पुल, जो 331 मीटर ऊंचा और 750 मीटर लंबा है, 2023 में पूरा हुआ और 2024 में सफल परीक्षणों के बाद 2025 में औपचारिक रूप से शुरू किया गया। चमकते केबल्स के साथ हिमालय की पृष्ठभूमि में यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग कौशल की चमक बिखेरता है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि ये पुल सिर्फ ढांचे नहीं, बल्कि जीवन रेखाएं हैं, जो कश्मीर को पूरे भारत से जोड़ते हैं। इससे किसानों को बाजार, छात्रों को शिक्षा और युवाओं को रोजगार का रास्ता मिलता है। शेखावत ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व की देन हैं। सरकार ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, क्योंकि मजबूत कनेक्टिविटी ही मजबूत राष्ट्र का आधार है। कुलपति प्रो अजय शर्मा, आयोजन सचिव प्रोफेसर एएन मोदी, अशोक कुमार माथुर कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।
