डीसी साक्षी साहनी ने अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों की जांच की।
रावी नदी के उफान ने अमृतसर जिले के अजनाला और आसपास के 140 गांवों में तबाही मचाई है। इस बाढ़ से अब तक लगभग 1 लाख 17 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हालात का जायजा लेने के लिए डीसी साक्षी साहनी और जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) एस. मनिंदर सिंह आज ट्रैक्
.
प्रशासनिक टीम में अतिरिक्त उपायुक्त रोहित गुप्ता, एसडीएम अजनाला रविंदर सिंह, अधिकारी खुशहाल सिंह धालीवाल, रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव सैमसन मसीह और अन्य अधिकारी शामिल थे। यह दल नंगे पांव कई किलोमीटर पानी में पैदल चलकर गांव अड़ाया, बउली और मौली सहित कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचा।
वहां उन्होंने ग्रामीणों की सेहत, उनके घरों, पशुधन और खेतों में हुए नुकसान का जायजा लिया। डीसी साहनी ने जानकारी दी कि अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 6 पशुओं की जान गई है। इसके अलावा 73 घर पूरी तरह ढह गए और करीब 23 हजार हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई। साथी ही कृषि उपकरण और मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचा।
16 राहत शिविर और मेडिकल टीमें तैनात डीसी ने बताया कि जिले में 16 राहत शिविर चल रहे हैं, जहां प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। मेडिकल टीमें इंसानों और पशुओं दोनों के इलाज में जुटी हुई हैं। डीसी ने अपील की कि जिन परिवारों के घरों को ज्यादा नुकसान हुआ है, वे राहत शिविरों में जाएं ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
डीसी साहनी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को रोकना संभव नहीं था, लेकिन प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही से अतिरिक्त नुकसान न हो। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संकट की घड़ी में जिला हेल्पलाइन नंबर 0183-2229125 पर फोन करें।
एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस बल भी लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है और प्रभावित लोगों की सुरक्षा व मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
