हरियाणा के नूंह जिले के नगीना थाना क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर चैनल नंबर 43 के पास एक सड़क हादसे में बिहार जिले के बक्सर जिले के रहने वाले दो मजदूरों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों अपने ड्राइवर के साथ ट्रक में भरा हुआ सामान
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फरीदाबाद की एक कंपनी के काम करते थे दोनों
पुलिस को दी शिकायत में विनय पांडे निवासी गंगापुर थाना बेसुअर जिला बक्सर बिहार ने बताया कि उनके ससुर त्रिलोकी पाठक (42), धर्मेंद्रपाल (35) और ललित कुमार निवासी पठखोलिया जिला बक्सर बिहार करीब 6 साल से ओल्ड फरीदाबाद सेक्टर 87 में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में काम करते थे। इनमें से ललित कुमार ट्रक ड्राइवर है। त्रिलोकी और धर्मेंद्र पाल गाड़ी पर हेल्पर का काम देखते थे। 9 सितंबर को तीनों गाड़ी में माल लोड कर राजस्थान के सीकर जिले में गए थे। जब गाड़ी खाली कर 10 सितंबर की रात तीनों दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर नगीना थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनल नंबर 43 पर पहुंचे,उसी दौरान सामने खड़े ट्रक से उनकी गाड़ी टकरा गई।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ढाबों का निरीक्षण करते एसडीएम लक्ष्मी नारायण।
अवैध रूप से खड़े ट्रक से हुआ हादसा
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर ट्रक अवैध रूप से खड़ा हुआ था। ट्रक के इंडिकेटर भी नहीं चल रहे थे। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। पीछे से लगी टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का केबिन बुरी तरह से पिचक गया और तीनों अंदर फंस गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे NHAI के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला और नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भर्ती किया। जहां त्रिलोकी और धर्मेंद्र पाल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गुरुवार को दोनों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक धर्मेंद्र पाल की पत्नी सुनीता देवी, एक पुत्री तथा वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। वहीं त्रिलोकी पाठक की मौत से भी उनका परिवार गहरे संकट में पड़ गया है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ढाबों का निरीक्षण करते एसडीएम लक्ष्मी नारायण।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे बने ढाबे हादसों की वजह
जानकारी के मुताबिक दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां तेज रफ्तार से चलती है। जितना हाईटेक यह हाईवे है उतने ही ज्यादा इस हाईवे पर हादसे होते है। नूंह जिले की सीमा से भी यह हाईवे गुजरता है। शाम के समय इस हाइवे पर ट्रक ड्राइवर लाइन से अपनी गाड़ियों को खड़ा कर पास में बने होटलों पर खाना खाते है। यही ढाबे हादसों की सबसे बड़ी वजह बने हुए है। अक्सर रात के समय तेज रफ्तार से आने वाली गाड़ियां अनियंत्रित होकर अवैध रूप से खड़े इन ट्रकों से टकरा जाती हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ढाबों का निरीक्षण करते एसडीएम लक्ष्मी नारायण।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर अवैध ढाबों व पार्किंग पर कार्रवाई
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर अवैध ढाबों, अवैध कटों और गलत तरीके से खड़ी होने वाली पार्किंग को पूरी तरह बंद कराने के लिए प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को उपमंडल अधिकारी नागरिक लक्ष्मी नारायण ने संयुक्त टीम के साथ मौके पर निरीक्षण किया। उपमंडल अधिकारी नागरिक लक्ष्मी नारायण ने बताया कि कार्रवाई के तहत हाईवे पर आठ अवैध ढाबों व होटलों को नोटिस जारी किए गए।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ढाबों का निरीक्षण करते एसडीएम लक्ष्मी नारायण।
यातायात पुलिस मांडीखेड़ा ने 29 वाहनों के चालान किए, वहीं बिजली विभाग की टीम ने 12 मामलों में बिजली चोरी पकड़ी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हाईवे पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम लक्ष्मीनारायण ने कहा कि अवैध ढाबे, कट और गलत पार्किंग सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं। लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए आगे भी समय-समय पर इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
