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यूक्रेन में फंसे फतेहाबाद के युवक ने भेजा वॉइस मैसेज: बोला-हमें सुबह 5 बजे युद्ध में लेकर जाएंगे; भाई से कहा-अब फोन नहीं लगेगा – Fatehabad (Haryana) News

यूक्रेन में फंसे फतेहाबाद के युवक ने भेजा वॉइस मैसेज:  बोला-हमें सुबह 5 बजे युद्ध में लेकर जाएंगे; भाई से कहा-अब फोन नहीं लगेगा – Fatehabad (Haryana) News


यूक्रेन में फंसे फतेहाबाद के गांव कुम्हारिया के युवकों का परिवार से संपर्क टूट गया है। युवक अंकित जांगड़ा ने अपने भाई को वॉइस मैसेज भेजा है। जिसमें उसने कहा कि ठीक है भाई, हमको सुबह 5 बजे युद्ध में लेकर जा रहे हैं। मेरे को लगता है कि इनके पास समाचार आ

.

यह वाइॅस मैसेज अंकित ने अपने बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा को गुरुवार रात 12 बजे भेजा है। उनका वॉट्सऐप पहले ही डिलीट करवा रखा था। इसलिए यह मैसेज स्नेप चैट के जरिए भेजा गया है। मैसेज मिलने के साथ ही परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

गौरतलब है कि गांव कुम्हारिया के दो युवकों अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया स्टडी वीजा पर रूस गए थे। वहां उन्हें सिक्योरिटी गार्ड व ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर जबरन रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया गया। वहां से उन्हें यूक्रेन में युद्ध के लिए धकेल दिया गया है।

युवक अंकित का परिवार।

सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला…

  • फरीदाबाद के एजेंट के जरिए स्टडी वीजा पर गए थे दोनों युवक: गांव कुम्हारिया के अंकित जांगड़ा (23) और विजय पूनिया (25) स्टडी वीजा पर रूस गए थे। अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि सोमवार को अंकित की कॉल आई थी। उसके साथ तब विजय भी था। अंकित ने उधर से कहा, हमें बचा लो। हमारे पास एक- दो दिन ही बचे हैं। इसके बाद हमें युद्ध में भेज दिया जाएगा। रघुवीर के अनुसार, अंकित का कहना है कि उन्हें अभी यूक्रेन में रूस सीमा से 300 किलोमीटर दूर जंगल में रखा हुआ है।
  • 12वीं के बाद गया अंकित: रघुवीर ने बताया कि अंकित 12वीं की पढ़ाई पूरी कर 14 फरवरी 2025 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। इसमें फरीदाबाद की एजेंट ने उनकी मदद की थी। अंकित ने मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लेंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। अंकित के पिता रामप्रसाद ने बताया कि अंकित ने पढ़ाई के दौरान फ्री टाइम में किसी रेस्टोरेंट में हेल्पर का काम शुरू किया, ताकि अपना खर्चा निकाल सके।
  • दोबारा बिजनेस वीजा से गया विजय: विजय पुनिया जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर गया था। वीजा एक्सटेंड नहीं हुआ तो एक महीने बाद वापस आ गया था। फिर अक्टूबर 2024 में दोबारा गया। 6 महीने रहकर मार्च के आखिर में वापस गांव आया। इसके बाद 15 जुलाई 2025 को विजय एक साल का बिजनेस वीजा लगवाकर रशिया गया। परिवार का कहना है कि लोन लेकर उसे विदेश भेजा है।
  • रूस में महिला ने लालच देकर फंसाया: रघुवीर ने बताया कि एक महिला ने अंकित व विजय के साथ अन्य 13 लोगों को रशियन आर्मी में नौकरी दिलाने की लालच दिया था। 15 लोगों का एक बैच बनाया गया।
  • सिर पर कमांडो तैनात: रामप्रसाद ने बताया कि इसके बाद उनके बेटे व उसके साथियों को जंगल में अंडरग्राउंड बंकरों में ले जाकर छोड़ दिया गया। उनके ऊपर कमांडो तैनात किए हुए हैं। अगर कोई वहां से जाने की बात करता है, तो उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। उनके साथ रह रहे कई लोगों की मौत हो चुकी है।
  • महिला को कॉल की तो बोली- वे तो मर गए: गांव के ही एक युवक ने मंगलवार को जाॅब दिलाने वाली को वॉट्सऐप पर कॉल की। महिला ने कहा कि अंकित और विजय तो मर गए हैं। उनकी मौत को चार-पांच दिन हो चुके हैं। जबकि सोमवार को ही परिवार की अंकित से बात हुई थी। इसके बाद महिला ने नंबर ब्लॉक कर दिया।



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