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जयपुर-दुबई फ्लाइट में टेक-ऑफ से पहले आई खराबी: अहमदाबाद हादसे के बाद 2 महीने में 5 उड़ानें तकनीकी खराबी से रद्द हुईं – Jaipur News

जयपुर-दुबई फ्लाइट में टेक-ऑफ से पहले आई खराबी:  अहमदाबाद हादसे के बाद 2 महीने में 5 उड़ानें तकनीकी खराबी से रद्द हुईं – Jaipur News


जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई जाने वाली फ्लाइट में टेक ऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी आ गई। वही इंडिगो एयरलाइन का इनकमिंग एयरक्राफ्ट पुणे से जयपुर नहीं पहुंच पाया। जिसकी वजह से आज एयर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर दुबई की इंटरनेशन

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एयरपोर्ट विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, 12 जुलाई को हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद से जयपुर एयरपोर्ट से 5 उड़ानें तकनीकी कारणों से रद्द हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 6 उड़ानें ईरान-इजरायल युद्ध के कारण और 5 उड़ानें एयरक्राफ्ट की कमी, संचालन संबंधी कारणों और अन्य वजहों से रद्द हुईं।

अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी, जिसमें 241 यात्रियों और क्रू मेंबर सहित 270 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा था।

12 जून को एअर इंडिया की फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी।

तकनीकी खराबी से दुबई की उड़ान रद्द दरअसल, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX – 195 सोमवार सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर दुबई के लिए उड़ान भरने वाली थी। एयरपोर्ट के ग्राउंड स्टाफ द्वारा पैसेंजर्स के बोर्डिंग की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन टेक ऑफ से ठीक पहले पायलट को विमान में तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट को सूचना देकर फ्लाइट को एक बार फिर टैक्सी-वे से एप्रन एरिया में पहुंचाया।

जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दुबई जाने वाली फ्लाइट टेक ऑफ की तैयारी में ही थी, लेकिन टेक ऑफ से ठीक पहले पायलट को फ्लाइट में तकनीकी खराबी की जानकारी मिली। इसके बाद पायलट ने एयरपोर्ट पर मौजूद इंजीनियर्स की मदद से तकनीकी समस्या के समाधान का प्रयास किया, लेकिन जब तकनीकी खराबी का समाधान नहीं निकल पाया, तो आखिर में फ्लाइट को रद्द करने का फैसला किया गया।

इंडिगो की मुंबई फ्लाइट भी रद्द, यात्रियों का हंगामा जयपुर से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E – 5282 को भी आखिरी वक्त पर रद्द कर दिया गया। इंडिगो की फ्लाइट 6E – 5282 को जयपुर एयरपोर्ट से सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन इंडिगो एयरलाइन का एयरक्राफ्ट निर्धारित वक्त पर जयपुर नहीं पहुंच पाया।

एयरलाइन कंपनी ने फ्लाइट को रिशेड्यूल किया और सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरने का फैसला किया, लेकिन इसके बाद भी जब एयरक्राफ्ट नहीं पहुंचा तो इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई की फ्लाइट को आखिरी वक्त पर रद्द करने का फैसला किया, जिसकी वजह से मुंबई जाने वाले पैसेंजर्स को परेशान होना पड़ रहा है।

जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इंडिगो एयरलाइन का एयरक्राफ्ट पुणे से जयपुर आने वाला था, लेकिन इनकमिंग एयरक्राफ्ट के नहीं पहुंचने के बाद इंडिगो एयरलाइन ने फ्लाइट रद्द करने का फैसला किया। आखिरी वक्त पर फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स ने हंगामा कर दिया।

अब जानिए, फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण…

1. टेक ऑफ से पहले तकनीकी खराबी: पायलट की सतर्कता से टला हादसा आपने हेलीकॉप्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण होते हैं। लेकिन एयरलाइन कंपनियां सिर्फ संचालन और तकनीकी कारण का हवाला देकर पैसेंजर को गुमराह करने की कोशिश करती हैं।

सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि एयरक्राफ्ट की उड़ान से पहले और बाद में इंजीनियर उसकी जांच करते हैं। उसके बाद में ही उसे उड़ान के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन काफी बार ऐसा देखा जाता है कि टेक ऑफ के वक्त ही फ्लाइट की तकनीकी खराबी का पायलट को पता चलता है।

उस वक्त कॉकपिट में संबंधित लाइट्स ब्लिंक होने लगती है। इसके बाद पायलट यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस समस्या के समाधान के बाद ही अप्लाई करता है। अगर उस समस्या का समाधान नहीं होता है तो फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। फ्लाइट रद्द होने का यह सबसे प्रमुख कारण है।

2. एयरक्राफ्ट की कमी: एक उड़ान बिगड़ी, तो बाकी का शेड्यूल गड़बड़ नाथावत ने बताया कि काफी फ्लाइट ऐसी होती है जो एक दिन में कई शहरों के लिए उड़ान भरती है। ऐसे में अगर कोई फ्लाइट एक शहर से दूसरे शहर तक निर्धारित वक्त पर नहीं पहुंचती है, तो एयरलाइन कंपनी द्वारा एयरक्राफ्ट की कमी की वजह से आगे उड़ान भरने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है।

3. पायलट का ड्यूटी टाइम: सुरक्षा से समझौता नहीं, इसलिए उड़ान रद्द नाथावत ने बताया कि पायलट के फ्लाइंग हॉर्स पूरे होने के बाद भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है। पिछले कुछ वक्त में फ्लाइट कैंसिलेशन का यह एक प्रमुख कारण रहा है। क्योंकि देखा गया है कि फ्लाइट निर्धारित वक्त पर होती है, मौसम भी साफ रहता है, प्लेन में तकनीकी खराबी भी नहीं होती है, लेकिन पायलट का ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद वह उड़ान नहीं भर पता है, जिसकी वजह से एयरलाइन कंपनी को फ्लाइट रद्द करनी पड़ती है।

4. खराब मौसम: जान जोखिम में डालकर उड़ान भरना सही नहीं नाथावत ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से भी काफी बार फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है, क्योंकि खराब मौसम की वजह से उड़ान भरने के बावजूद फ्लाइट संबंधित डेस्टिनेशन पर लैंड नहीं कर पाती है। ऐसे में पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन कंपनी मौसम खराब होने पर फ्लाई रिस्क नहीं लेती है।

5. यात्रियों की कमी से उड़ान रद्द करना पड़ा सोहन सिंह नाथावत के मुताबिक, काफी बार ऐसा भी देखा गया है कि एयरलाइन कंपनी के लिए उड़ान भरना किफायती नहीं बल्कि नुकसानदायक होता है। यह नुकसान एयरलाइन कंपनियों को पैसेंजर की संख्या कम होने पर होता है, तब भी कई बार एयरलाइन कंपनी फ्लाइट रद्द करने का फैसला करती है।

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