औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में संपन्न हुई। बैठक में गौशालाओं के प्रबंधन और आत्मनिर्भरता पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने गौआश्रय स्थलों में हीट वेव से बचाव के लिए टीन शेड पर बोरे या ग्रीनमैट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, गौवंशों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने भूसे की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए विकासखंड स्तर पर भूसा क्रय के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और गौवंशों की संख्या के आधार पर भूसा खरीदकर संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने संभ्रांत नागरिकों से संपर्क कर गौशालाओं के लिए भूसा दान स्वरूप प्राप्त करने का भी सुझाव दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि गौआश्रय स्थलों से अधिक से अधिक भूमि संबद्ध कर हरे चारे का उत्पादन किया जाए। यदि गौचर भूमि पर कहीं अवैध कब्जा है, तो संबंधित उप जिलाधिकारी से संपर्क कर उसे कब्जा मुक्त कराया जाए। बैठक में गौशालाओं में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए ईंट से ट्रीगार्ड बनवाने और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्मी कंपोस्ट खाद के उत्पादन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाकर जल्द से जल्द उत्पादन शुरू किया जाए। साथ ही, गाय के गोबर और गौमूत्र से जन उपयोगी सामग्री बनाकर उन्हें बेचा जाए, जिससे गौशालाएं अपनी आय से संचालित हो सकें। सभी उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर बैठकें आयोजित कर कार्यवृत्त और उनके अनुपालन की व्याख्या जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा, उप निदेशक कृषि, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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