हरजीत कौर को अमेरिका में रोकने के लिए सिख व स्थानीय कम्यूनिटी की तरफ से प्रोटेस्ट भी किए गए।
30 साल से अमेरिका में रह रही पंजाब मूल की 73 साल की हरजीत कौर को डिपोर्ट कर दिया गया है। वह 30 साल से अमेरिका में रह रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें US इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) की हिरासत में लिया गया था। जिसके बाद भारतीय व अमेरिकी मूल के
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हरजीत कौर को ईस्ट बे में रूटीन चेक-इन के दौरान हिरासत में लिया गया था। परिवार और समुदाय का कहना था कि वे तीन दशक से अमेरिका में रह रही थीं, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। 2013 में उनकी एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दी गई।
इसके बाद भी वह नियमित रूप से हर छह महीने में ICE को रिपोर्ट करती रही थीं। उनकी उम्र और नाज़ुक सेहत को देखते हुए समुदाय ने रिहाई की मांग भी की थी, लेकिन अब उन्हें मजबूरन डिपोर्ट कर दिया गया।
हरजीत कौर।
हथकड़ियां पहनाई गईं व बेड़ियों से बांधा गया इस मामले के अटॉर्नी दीपक आहलूवालिया ने जानकारी दी कि हरजीत कौर समेत 132 भारतीय नागरिकों को जॉर्जिया से ICE के चार्टर्ड विमान द्वारा पहले आर्मेनिया ले जाया गया और वहां से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचाया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिवार और परिचित उन्हें लेने पहुंचे। समुदाय इस फैसले को लेकर बेहद निराश है।

हरजीत कौर की पोती सुखमीत कौर।
पोती ने कहा- उन्हें मिलने नहीं दिया गया अमेरिका में हरजीत कौर की भारत भेजे जाने से रोकने के लिए प्रदर्शन भी किए गए। इस दौरान उनकी पोती सुखमीत कौर ने कहा- हमें सिर्फ इतना बताया गया कि उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। हमें उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। हम उन्हें ढूंढते रहे। जब हम मिले तो वे रो रही थी और मदद के लिए कह रही थी।
अन्य दोस्त ने कहा कि वह यहां 30 सालों से रह रही थी। यहां टेलर के तौर पर उन्होंने काम किया। जब हम उन्हें मिले, तो वे बदतर हालत में थी। इतना भी सुनने में आया कि उन्हें ना बैठने के लिए कुर्सी दी गई, ना सोने के लिए बेड, वे जमीन पर सोईं।
