तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी5 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज को खुला रखने में मदद की पेशकश की है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि शी जिनपिंग चाहते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो जाए।
ट्रम्प के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि अगर मैं किसी तरह मदद कर सकता हूं, तो मैं मदद करना चाहूंगा। चीन बड़ी मात्रा में ईरानी तेल खरीदता है, इसलिए उसकी भी दिलचस्पी है कि होर्मुज खुला रहे।
उन्होंने कहा, जो देश इतना ज्यादा तेल खरीदता है, उसका जाहिरतौर पर ईरान के साथ रिश्ता होता है। चीन चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे।
वहीं, ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की निगरानी और मंजूरी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने BRICS देशों से अपील की है कि वो अमेरिका और इजराइल की निंदा करें।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. होर्मुज में गुजरात का एक और जहाज डूबा: गुजरात का मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ ओमान के पास ड्रोन या मिसाइल जैसे हमले की चपेट में आकर डूब गया। सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया।
2. ईरान ने चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया: ईरानी मीडिया के मुताबिक IRGC की निगरानी में कई चीनी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकाला गया।
3. ईरान बोला- इजराइल के साथ मिलीभगत करने वालों को जवाब मिलेगा: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ साजिश करने वालों को जवाब दिया जाएगा। उनका बयान नेतन्याहू के कथित UAE दौरे के दावे के बाद आया।
4. ईरान ने BRICS से अमेरिका-इजराइल की निंदा करने को कहा: नई दिल्ली में BRICS बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया और BRICS देशों से खुलकर विरोध की अपील की।
5. अमेरिका का दावा- होर्मुज नाकाबंदी के बाद 70 जहाजों ने रास्ता बदला: CENTCOM के मुताबिक होर्मुज में तनाव बढ़ने के बाद अब तक 70 व्यापारिक जहाजों ने अपना रूट बदल लिया है।
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लाइव अपडेट्स
5 मिनट पहले
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ईरान बोला- होर्मुज में ‘जंग का नाटक’’ कर रहा अमेरिका
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर होर्मुज इलाके में जंग का नाटक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारी कर्ज में डूबा अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य ताकत दिखाने पर पैसा खर्च कर रहा है।
गालिबाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने हेगसेथ को फेल टीवी होस्ट बताते हुए कहा कि अमेरिका 2007 के बाद सबसे ज्यादा दरों पर पैसा खर्च कर होर्मुज में सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है।
गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका पर पहले से 39 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, लेकिन इसके बावजूद वह क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ाने में लगा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस रणनीति का नतीजा सिर्फ एक नए वैश्विक वित्तीय संकट के रूप में सामने आएगा।

10 मिनट पहले
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ईरान और अरब देशों के बीच शांति समझौते की कोशिश
सऊदी अरब मिडिल ईस्ट के देशों और ईरान के बीच एक नए सुरक्षा समझौते की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने के बाद यह पहल आगे बढ़ाई जा सकती है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में एक अरब राजनयिक के हवाले से कहा गया है कि यह नॉन-एग्रेसन पैक्ट यानी ऐसा समझौता होगा जिसमें शामिल देश एक-दूसरे पर हमला नहीं करने का वादा करेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता 1975 के हेलसिंकी समझौते की तर्ज पर हो सकता है। उस समझौते पर अमेरिका, यूरोपीय देशों और सोवियत संघ ने हस्ताक्षर किए थे।
राजनयिक ने कहा कि यह समझौता कितना सफल होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इसमें कौन-कौन से देश शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इजराइल इसमें शामिल नहीं होता, तो यह समझौता उल्टा असर भी डाल सकता है, क्योंकि कई देश इजराइल को भी क्षेत्र में संघर्ष की बड़ी वजह मानते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस क्षेत्र से कहीं जाने वाला नहीं है और इसी कारण सऊदी अरब इस समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ राजनयिकों को शक है कि UAE इस समझौते में शामिल होगा या नहीं। UAE ने साल 2020 में अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत इजराइल के साथ संबंध सामान्य किए थे और दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते हैं।

