उकलाना विधायक नरेश सेलवाल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।
हिसार जिले के उकलाना विधायक नरेश सेलवाल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान विधायक ने सरकार से जलभराव को राज्य बाढ़ आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खेतों और गांवों में जलभराव हुए एक महीना हो चुका है, लेकिन पानी अभी भी जस का त
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सरपंच जब अधिकारियों से मिलते हैं तो उनसे कहा जाता है कि आप पहले अपनी तरफ से पैसा लगाइए, बाद में सब पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि अब तक सरपंचों के खातों में ₹1 भी नहीं आया है। उन्होंने बताया कि सरपंच 40-50 लाख रुपए की मोटर और मशीनें डबवाली और सिरसा से मंगवा रहे हैं।
वहां व्यापारी उधार नहीं देते, सब कुछ नकद ही देना पड़ता है। लेकिन सरकार की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। ऐसा लगता है कि सरकार जानबूझकर सरपंचों की जमीन बिकवाना चाहती है।
प्रभावित गांवों का दौरा करते विधायक नरेश सेलवाल।
सरपंचों की पेंडिंग किस्तें जारी करने की मांग
विधायक नरेश सेलवाल ने बाढ़ प्रभावित गांव साहू, खेदड़, बधावड़, खरकपुनिया और बनभौरी का दौरा किया। उन्होंने किसानों व ग्रामीणों से मुलाकात कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सरपंचों की चार पेंडिंग एफएफसी और एसएफसी किस्तें जारी करे। बाढ़ के कारण किसानों की पूरी फसल नष्ट हो गई है।
जो थोड़ी बहुत फसल बची थी वह भी “पीला रतुआ” बीमारी के कारण खराब हो गई। ऐसे हालात में किसानों को प्रति एकड़ ₹60,000 विशेष मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि किसान अगली फसल की बिजाई भी नहीं कर सकते।
बाढ़ से मकान गिरे उन्हें मुआवजा दिया जाए
उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों के मकान बाढ़ से गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाए। जिन गरीब लोगों को पीएमएवाई योजना के तहत मकान निर्माण के लिए पहली किस्त मिली है, उन्हें दूसरी किस्त तुरंत दी जाए, क्योंकि वे लोग इस समय चौपालों और दूसरों के घरों में रहने को मजबूर हैं।
विधायक नरेश सेलवाल ने हरियाणा सरकार से मांग की कि इस आपदा को बाढ़ आपदा घोषित किया जाए और तुरंत सरपंचों के खातों में 15-20 लाख रुपए डाले जाएं ताकि उनकी जमीन बिकने से बच सके।
