सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक 29 सितंबर को होगी। विश्वविद्यालय ने इसे ‘आपातकालीन बैठक’ बताया है, जबकि इसके एजेंडा में 20 से ज्यादा सामान्य मुद्दे शामिल हैं, जिन पर तत्काल निर्णय की जरूरत नहीं है।
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यह बैठक मुख्य प्रशासनिक भवन स्थित कार्यपरिषद कक्ष में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज की अध्यक्षता में होगी। आपातकालीन बैठक का मतलब होता है कि किसी एक या दो जरुरी मुद्दों पर तुरंत चर्चा कर निर्णय लिया जाना हो। इसके विपरीत, जारी एजेंडा में नियमित प्रकृति के कई बिंदु हैं।
एजेंडा में दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति, विश्वविद्यालय के नामकरण की सूचना, परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली नई कंपनी को कार्य देने का अनुमोदन, इंजीनियरिंग पीएचडी प्रवेश परीक्षा के रोके गए परिणामों पर चर्चा, अतिथि विद्वान विज्ञापन पर चर्चा, नौ खोली आवास को तोड़ने की अनुमति और कुलगुरु के लिए इनोवा क्रिस्टा वाहन किराए पर लेने व विशेष भत्ते की अनुमति जैसे विषय शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह तीन महीने में होने वाली एक नियमित बैठक है और इसमें आपातकालीन जैसा कोई बिंदु नहीं है।
इस बीच, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के आधारशिला दिवस पर 10 अक्टूबर (करवा चौथ) को एक बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में विश्वविद्यालय की नाम पट्टिका का अनावरण किया जा सकता है। कार्यक्रम की अंतिम तिथि मुख्यमंत्री के समय के अनुसार तय की जाएगी।
