चंडीगढ़ पुलिस लाइन सेक्टर-26 के फुटबॉल ग्राउंड में ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें प्रशासक गुलाबचंद कटारिया शामिल हुए। उन्होंने मेधावी बच्चों को नकद इनाम दिया गया।
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इसके अलावा बेहर कार्य में आईटी पार्क थाना पहले स्थान पर रहा। जिसे 50 हजार रुपए का इनाम मिला। सारंगपुर थाना दूसरे स्थान पर रहा और उसे 30 हजार रुपए का इनाम मिला। इंडस्ट्रियल एरिया थाना तीसरे स्थान पर रहा और उसे 20 हजार रुपए का इनाम दिया गया।
प्रशासक ने पुलिस फैमिली वेलफेयर सेंटर का भी उद्घाटन किया। यहां पुलिसकर्मियों की पत्नियों और बच्चों के लिए सिलाई, पेंटिंग और बेकिंग जैसी ट्रेनिंग की क्लासें शुरू की गई हैं।
800 जवानों के साथ खाया खाना
प्रशासक ने करीब 800 पुलिसकर्मी और अफसरों के साथ बैठकर भोजन किया। कार्यक्रम में चीफ सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़, डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, फाइनेंस सेक्रेटरी दिप्रवा लकड़ा, डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा, आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह और एसएसपी कंवरदीप कौर समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
इस अवसर पर पुलिस कर्मियों के 402 बच्चों को कुल 1 करोड़ 85 हजार रुपए की स्कॉलरशिप दी गई। वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में मेडल जीतने वाले और कक्षा 10वीं व 12वीं में टॉप करने वाले 21 बच्चों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने मेधावी बच्चों को चेक देकर उनका हौसला बढ़ाया।
डीजीपी की पत्नी और चंडीगढ की एसएसपी।
डीजीपी बोले- परिवार है हमारी ताकत
चंडीगढ़ के डीजीपी ने जवानों और उनके परिवारों का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस की हर ड्यूटी और मिशन के पीछे उनके परिवार की सहनशीलता और सहयोग होता है। इस दौरान शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई और कहा गया कि उनका साहस हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

डीजीपी बच्चो को इनाम देते हुए।
पुलिसकर्मियों और परिवारों के लिए वेलफेयर स्कीम
उधर, पुलिस वेलफेयर सोसाइटी की बैठक में जवानों और उनके परिवारों के हित में कई अहम फैसले लिए गए। अब प्राकृतिक मृत्यु पर मिलने वाली आर्थिक सहायता 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर दी गई है। ड्यूटी के दौरान हादसे में मौत होने पर 10 लाख की सहायता मिलेगी। अंतिम संस्कार खर्च 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है।
स्थायी विकलांगता की स्थिति में 1 से 3 लाख तक की मदद मिलेगी। शादी के लिए अब 4 लाख तक का लोन दिया जाएगा, वहीं बच्चों की पढ़ाई के लिए 5 लाख तक का लोन मिलेगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में 20 हजार रुपए प्रति माह की सहायता दी जाएगी।

प्रशासक समेत एसएसपी प अन्य अधिकारी।
इन बच्चों का हुआ सम्मान
पुलिस कर्मियों के बच्चों ने खेल और पढ़ाई दोनों में शानदार प्रदर्शन किया। एएसआई ओमप्रकाश के बेटे रितेश कम्बोज ने एशियन रोलर स्केटिंग में गोल्ड मेडल जीता। इंस्पेक्टर हरमिंदरजीत सिंह के बेटे जुझार सिंह ने एशियन रोलर स्केटिंग में सिल्वर मेडल हासिल किया था।
हेड कॉन्स्टेबल अजर सिंह की बेटी साक्षी ने पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में गोल्ड जीता था। वहीं एएसआई नवीन कुमार की बेटी यानवी ने 10वीं कक्षा में 98.4% अंक प्राप्त किए था। हेड कॉन्स्टेबल राजबीर सिंह की बेटी गरिमा ने 12वीं में 96.21% अंक हासिल किए थे।
