केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दौरान शाह बस्तर क्षेत्र में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होंगे।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
बताया जा रहा है कि इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में यह दौरा एक अहम कदम साबित होगा। बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल होने के साथ केंद्रीय गृहमंत्री बस्तर की आदिवासी परंपराओं को जानने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। स्वदेशी मेले आयोजन में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के बाद 4 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकर नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा कर सकते है।

अमित शाह ने सोशल मीडिया में ये ट्वीट किया था।
अमित शाह को मुरिया दरबार का निमंत्रण दिया
बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें बस्तर दशहरा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने किया। उनके साथ पारंपरिक मांझी-चालकी सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

प्रदेश प्रवास के दौरान अमित शाह का स्वागत करते हुए सीएम विष्णुदेव साय। (फाइल फोटो)
समिति ने गृहमंत्री को भेंट की मां दंतेश्वरी की तस्वीर
मुलाकात के दौरान बस्तर दशहरा समिति ने अमित शाह को मां दंतेश्वरी की पवित्र तस्वीर भेंट की। गृहमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए बस्तर दशहरे की परंपराओं की सराहना की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बस्तर अब नक्सलवाद की गिरफ्त से निकलकर शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे 75 दिनों तक चलने वाले इस अनोखे महोत्सव में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।
आदिवासी प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद
इस वर्ष बस्तर दशहरा का मुरिया दरबार 4 अक्टूबर को जगदलपुर के सिरहासार भवन में आयोजित होगा। यहां आदिवासी समुदाय अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन के सामने रखते हैं।
अमित शाह इस दौरान आदिवासी प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और मिशन 2026 के तहत नक्सल उन्मूलन की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। साथ ही स्वदेशी मेला में स्थानीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रदर्शनों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। प्रतिनिधियों से संवाद के अलावा नक्सल उन्मूलन की रिपोर्ट वे अफसरों से लेंगे। इस बैठक में सीएम, गृहमंत्री भी शामिल रहेंगे।

पीएम मोदी को निमंत्रण देते हुए सांसद।
पीएम को भी आमंत्रण भेजा है समिति ने
समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण भेजा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है, जब बस्तर की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। गौरतलब है कि बस्तर दशहरे में रावण दहन नहीं होता, बल्कि मां दंतेश्वरी की पूजा के साथ यह महोत्सव आदिवासी परंपराओं की अनूठी झलक प्रस्तुत करता है।
