पंजाब के जालंधर में आई लव मोहम्मद और जय श्री राम के नारे के बाद पैदा हुआ विवाद सुलझा गया है। 1 अक्टूबर से चला आ रहा हंगामा, बयानबाजी और सोशल मीडिया की लड़ाई थम गई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई घटना के बाद जालंधर में नईम खान की अगुआई में मुस्लिम स
.
मंगलवार को मंत्री मोहिंदर भगत और मुस्लिम संगठनों ने 3 घंटे लंबी चली मीटिंग के बाद जय श्री राम के नारे लगाने वाले योगेश मैनी के साथ सारे गिले-शिकवे दूर कर लिए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
हंगामे में सबसे चर्चित नाम अयूब खान ने खुद जय श्रीराम का नारा लगाया। ये नारे कैसे लगे, विवाद कहां से शुरू हुआ और कैसे राजीनामे तक पहुंचा। इसकी सारी कहानी मुस्लिम संगठन को जुलूस निकालकर मेमोरेंडम देने की कॉल देने वाले नईम खान की जुबानी पढ़िए…
हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने बीएमसी चौक पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस से भी झड़प हुई। उन्होंने सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पहले पढ़िए कैसे शुरू हुआ विवाद…
मैं मेमोरेंडम देने अंदर गया, धरना नेतृत्वहीन हो गया नईम खान ने बताया कि उन्होंने बरेली में हुए घटनाक्रम के बाद जालंधर में मुस्लिम संगठनों को मुसलमानों के साथ देश में हो रहे धक्के के खिलाफ CP धनप्रीत कौर को मेमोरेंडम देने की कॉल दी। उनका जुलूस श्री राम चौक (कंपनी बाग) से शुरू हुआ। कमिश्नर दफ्तर तक सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचे। यहां पुतले जलाए गए। इसके बाद वह पुलिस अफसरों से मिलने गेट के अंदर जले गए। बाहर सड़क पर संगठन के युवा और अन्य बैठे रहे। कुछ समय के लिए युवा नेतृत्वहीन हो गए। उन्हें संभालने वाला कोई नहीं था। इसी बीच धार्मिक नारे लगे। मैं वहां होता तो उसी समय रोक देता।
पहले एक बाइक सवार ने धीरे से जय श्रीराम कहा, बाद में मैनी ने नईम खान ने बताया कि जैसे ही वह अंदर गए तो बाहर चल रहे प्रदर्शन में बैठे लोगों के पास से एक बाइक सवार गुजरा। उसने धीरे से जय श्री राम कह दिया। इसके पीछे स्कूटी पर चल रहे योगेश मैनी ने जोर से जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद उनके लड़कों ने भी अल्ला हू अकबर कहना शुरू कर दिया और दोनों आपस में उलझ गए। खान ने कहा वह वहां होते तो शायद ये न होने देते।

विवाद के बाद हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया था।
किसी ने मोबाइल से एक क्लिप भेजी, जो हिंदू संगठनों तक पहुंची नईम ने बताया कि इस हंगामे की एक छोटी क्लिप किसी ने मोबाइल से आगे फॉरवर्ड कर दी। यह क्लिप हिंदू संगठनों के पास पहुंच गई। उन्होंने जितनी क्लिप देखी, उससे किसी को भी गुस्सा आ सकता था। उन्होंने उसे वेरिफाई नहीं किया और फिर हंगामे वाली जगह पहुंच गए। लेकिन तब तक हम निकल चुके थे।
BJP लीडर भंडारी पूरा वीडियो देखते तो धरने की कॉल न लेते नईम ने कहा कि बीजेपी नेता केडी भंडारी सुलझे हुए नेता हैं। उनको भी किसी ने पूरा वीडियो नहीं दिखाया। जल्दबाजी में ये मैसेज फैल गया कि जय श्री राम का नारा लगाने से रोका गया। मारपीट की गई। इस पर उन्होंने धरने की कॉल ले ली। अगर वो पूरा वीडियो देखते तो शायद धरने की कॉल न लेते। धरना लगा तो उनके पास कोई ऑप्शन नहीं बचा। इसको लेकर 3 बार प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, फिर कैंसिल कर दी। कई सीनियर्स ने भी समझाया। उन्होंने भी यही सोचा कि शायद इससे माहौल और खराब न हो जाए।
अब पढ़िए समझौते की पूरी कहानी
- माहौल खराब करने का इल्जाम लगा: नईम खान ने बताया कि चूंकी मुस्लिम संगठनों के प्रदर्शन की कॉल मेरी थी, इसलिए मेरे पर ही माहौल खराब करने का पूरा इल्जाम लग रहा था। मगर मेरी ऐबसेंस में सब कुछ हुआ। मैं वहां होता तो मैनी को रोककर जफ्फी डालता और कहता कि मैं भी तुम्हारे साथ जय श्रीराम बोलने को तैयार हूं। मैं ये होने नहीं देता। जब ये हो गया तो मुझ पर इसे सुलझाने का सबसे ज्यादा दबाव और जिम्मेदारी भी थी।
- मैंने खुद आप नेता मोहिंदर भगत को अप्रोच किया: नईम खान ने कहा कि मेरे सीनियर वकील जय श्रीराम का नारा लगाने वाले योगेश के कोट पक्षियां मोहल्ले में ही रहते हैं। उनसे पता चला की योगेश भी मसला सुलझाना चाहता है। इसके बाद मैंने अपने किसी जानकारी की मदद से आप नेता मोहिंदर भगत को अप्रोच किया। उनको कहा कि कैसे भी आज के आज ही इस तनाव को खत्म करवाया जाए। मेरी गलती है तो मैं माफी मांगने के लिए तैयार हूं। इसके बाद मीटिंग कॉल की गई।

जालंधर में मंत्री मोहिंदर भगत के घर पर दोनों पक्षों में हुआ राजीनामा।
- दोपहर 1 से 4 बजे तक चली मीटिंग, इसके बाद मनमुटाव दूर: नईम ने कहा कि आप नेता मोहिंदर भगत के दफ्तर में दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक मीटिंग चली। इसमें फैसला किया गया कि शहर का माहौल ठीक होना चाहिए। ये जो विवाद पैदा हुआ है, अब इसका अंत होना चाहिए। भगत सहित मेयर धीर, नितिन कोहली, अयूब खान और चंदन ग्रेवाल इस मीटिंग में शामिल रहे। सबकी सहमति पर डीसीपी नरेश डोगरा कि ड्यूटी लगाई गई। वे योगेश मैनी को मनाकर लाएं।
- योगेश ने आते ही मुझे जफ्फी डाल ली, बोले-पता नहीं ये सब कैसे हुआ: नईम ने कहा कि मीटिंग में जैसे ही योगेश मैनी पहुंचे, हमने उठकर उनका वेलकम किया। आते ही वह मेरे गले लग गए। कहने लगे कि ये सब जोश में हो गया। मेरा इरादा किसी को उकसाने का नहीं था। मैंने भी उन्हें गले लगाया और कहा कि यह सब एक्सीडेंटल है। इसके बाद हमने सार गिले-शिकवे मिटा लिए। अयूब ने खुद मैनी को गले लगाकर जय श्री राम कहा।

मुस्लिम पक्ष के नेता अयूब खान ने योगेश मैनी को गले लगाया।
- आज सर्वधर्म सम्मेलन की कॉल थी, मसला न सुलझता तो बिगड़ जाता: नईम ने कहा कि मैंने सर्वधर्म सम्मेलन की कॉल दी थी। ये सम्मेलन बुधवार को होने वाला था। मैंने कॉल तो दे दी। लेकिन फिर सोचा कि यहां तो पूरे पंजाब से कई संगठन आ रहे हैं। अगर किसी ने माइक पर कोई गलत बात कह दी फिर तो मामले को संभालना ही मुश्किल हो जाएगा। इसलिए आज की इस मसले को सुलझाने का दबाव था। जय श्री राम का नारा लगाने वाले योगेश सहित आज मैं भी बहुत रिलैक्स हूं। अब हम सर्वधर्म सम्मेलन को रद्द करने जा रहे हैं।
- पंजाब में ये पहली बार हुआ, यहां यूपी-बिहार की तरह दंगे नहीं होते: नईम खान ने कहा कि उनका 1988 का बर्थ है। उन्होंने न तो अब तक कभी देखा न सुना की पंजाब में कभी हिंदू-मुस्लिमों के बीच धार्मिक नारे को लेकर कभी विवाद हुआ हो। ये पहली बार था जब ये एक्सीडेंटली ऐसा हो गया। ये नहीं होना चाहिए था। फ्यूचर में भी हम कोशिश करेंगे की ऐसा न हो। इसके लिए पीस कमेटी बनाने पर पहल शुरू हो गई है। अगर कभी ऐसा मामला फिर से आता है तो उसे पीस कमेटी में ही उठाया जाएगा। शहर में एक कमेटी ऐसी होनी चाहिए जो दोनों पक्षों की बात सुन सके। इस कमेटी में कौन-कौन लोग होंगे ये अभी तय होगा।
